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गडकरी बोले साल भर में बंद होंगे टोल बूथ ! ये बड़ा बदलाव होने जा रहा हैं टोल सिस्टम में

गडकरी

अगले एक साल में FASTag सिस्टम की जगह लेगा हाईटेक बैरियर-लेस इलेक्ट्रॉनिक टोल मॉडल, जिससे गाड़ियों को रुकने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी।

देशभर में 10 जगहों पर ट्रायल शुरू, एक साल में पूरे भारत में लागू होगा नया डिजिटल टोल सिस्टम।

देश में हाईवे पर टोल देने का तरीका पूरी तरह बदलने जा रहा है। अभी तक टोल प्लाज़ा पर गाड़ियाँ रुकती थीं, पहले कैश सिस्टम था, फिर FASTag आया और समय थोड़ा बचा। लेकिन अब सरकार एक कदम और आगे बढ़ चुकी है। आने वाले एक साल में पूरे भारत में नया ई-टोल सिस्टम लागू होने वाला है। जिसमें गाड़ियों को टोल देने के लिए न रुकना पड़ेगा और न बैरियर पार करना होगा।

लोकसभा में केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि आने वाले समय में पुराना टोल सिस्टम हटाकर पूरी तरह डिजिटल और बिना रुकावट वाला टोल मॉडल लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस नई तकनीक की टेस्टिंग पहले ही 10 जगहों पर शुरू हो चुकी है और लक्ष्य है कि इसे एक साल में देशभर के हाईवे पर लागू कर दिया जाए।

देश में हाईवे निर्माण का तेज़ रफ़्तार दौर

सरकार का कहना है कि अभी भारत में तकरीबन 4,500 हाईवे प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इन सभी प्रोजेक्ट्स पर लगभग 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश हो रहा है। ऐसे में ये बहुत ज़रूरी है कि टोल कलेक्शन तेज़, आधुनिक और परेशानी मुक्त हो।

यही वजह है कि टोल सिस्टम में लगातार बदलाव किए गए। जैसे पहले नकद भुगतान होता था, फिर कार्ड और आखिरकार FASTag की शुरुआत हुई, जिससे भुगतान बिना रुके होने लगा। लेकिन FASTag के बावजूद कई जगह ट्रैफिक लाइनें बन जाती थीं। खासकर त्योहारों या छुट्टियों में। इसी समस्या को खत्म करने के लिए अब नए हाई-टेक सिस्टम की तैयारी हो रही है।

 

 

क्या है नया सिस्टम?

नया सिस्टम बैरियर लेस इलेक्ट्रॉनिक टोलिंग कहलाता है। इसमें ना बैरियर होंगे, ना रुकना पड़ेगा और ना ही गाड़ियों की लाइनें लगेंगी।

इस तकनीक में दो सिस्टम साथ काम करेंगे —

  • FASTag आधारित
  • Automatic Number Plate Recognition (ANPR) कैमरे

जब गाड़ी हाईवे से गुज़रेगी, इन कैमरों के जरिए नंबर प्लेट अपने-आप पढ़ी जाएगी और FASTag सिस्टम खाते से टोल काट लेगा। पूरा प्रोसेस कुछ ही सेकेंड में पूरा हो जाता है और चालक को किसी मशीन, बूथ या व्यक्ति से बात करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

NETC क्या है?

इस पूरे सिस्टम को बेहतर ढंग से चलाने के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया ने National Electronic Toll Collection (NETC) नाम का प्लेटफॉर्म बनाया है। इसमें पूरे देश के टोल सिस्टम एक-दूसरे से जुड़े रहेंगे। इसका मतलब चाहे आप दिल्ली में हों, मुंबई में, असम में या तमिलनाडु में हर जगह एक जैसी तकनीक से टोल कटेगा।

FASTag की भूमिका अभी भी जारी रहेगी

FASTag एक छोटा स्टिकर जैसा टैग होता है, जिसमें RFID तकनीक लगी होती है। यह गाड़ी के सामने की विंडस्क्रीन पर चिपकाया जाता है। जैसे ही गाड़ी टोल लेन से गुजरती है, सेंसर इस टैग को स्कैन कर लेता है और पैसा कट जाता है। अब इसमें ANPR तकनीक जुड़ने से सुरक्षा और ओथेंटिकेशन और भी मजबूत हो जाएगा।

फायदे क्या होंगे?

इस नई तकनीक के लागू होने के बाद सड़क उपयोगकर्ताओं और सरकार दोनों को बड़ी सुविधा मिलेगी

  • ट्रैफिक में कमी

टोल पर रुकावट खत्म होगी। इससे समय बचेगा और ईंधन की भी बचत होगी।

  •  पारदर्शी भुगतान

हर लेन-देन इलेक्ट्रॉनिक होगा, जिससे मानव त्रुटि या मनमानी का सवाल नहीं रहेगा।

  • बेहतर यात्रा अनुभव

लंबी दूरी की यात्रा पहले से ज्यादा आसान और तेज़ हो जाएगी।

  •  सरकारी राजस्व में पारदर्शिता

डिजिटल टोल सिस्टम होने से चोरी या गलत बिलिंग की गुंजाइश नहीं बचेगी।

यदि FASTag नहीं है तो क्या होगा?

यदि किसी वाहन के पास वैध FASTag नहीं है या नंबर प्लेट मानक के अनुसार नहीं है, तो चालक को जुर्माना देना पड़ सकता है। सरकार की योजना है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ डिजिटल नोटिस, पेनल्टी और रजिस्ट्रेशन आधारित नियंत्रण लागू किए जाएँ।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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