हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस, जज और परिवार सहमे, सवाल उठे सुरक्षा व्यवस्था पर,जज की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले से एक चौंकाने वाली घटना ने पूरे न्यायिक तंत्र को हिला दिया है। प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह चावड़ा के घर पर बीती रात कुछ अज्ञात लोगों ने पथराव किया और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है और पुलिस ने तत्काल जांच शुरू कर दी है।
आधी रात में टूटी खामोशी
यह घटना 24 अक्टूबर की रात लगभग 12:30 बजे की बताई जा रही है। जज अमनदीप सिंह चावड़ा अपने परिवार के साथ जिले से लगभग 35 किलोमीटर दूर भालूमाड़ गांव स्थित सरकारी आवास में थे। रात के सन्नाटे में अचानक बाहर से तेज शोर और गालियों की आवाजें आने लगीं। कुछ ही पलों में अज्ञात लोगों ने उनके घर पर पथराव शुरू कर दिया।
परिवार के सदस्य इस अप्रत्याशित हमले से घबरा गए। न्यायिक अधिकारी ने तुरंत पुलिस से संपर्क किया और पूरी घटना की जानकारी दी। इस दौरान हमलावरों ने कथित तौर पर जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे परिवार में दहशत फैल गई।
न्यायिक अधिकारी ने जताई चिंता
मजिस्ट्रेट अमनदीप सिंह चावड़ा ने अपनी शिकायत में बताया कि हमले के समय उनका परिवार घर में सो रहा था। अचानक तेज आवाजें सुनकर सभी की नींद खुली। उन्होंने जब बाहर झांका, तो देखा कि कुछ लोग उनके घर की दीवारों पर पथराव कर रहे थे और गालियां दे रहे थे। उन्होंने कहा, “हमलावरों ने हमारे परिवार को डरा देने की कोशिश की। यह केवल एक हमला नहीं बल्कि न्यायिक पद पर बैठे व्यक्ति को धमकाने की कोशिश है।” उन्होंने पुलिस से सुरक्षा बढ़ाने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है।

पुलिस ने दर्ज किया मामला
अनूपपुर पुलिस ने जज की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। एसडीओपी मोतीहार रहमान ने बताया कि “आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित की गई हैं। पुलिस ने इस मामले में भारतीय दंड संहिता (IPC) की कई धाराएं लगाई हैं
अधिकारियों ने बताया कि इस घटना के पीछे किसी हालिया न्यायिक आदेश या फैसले से नाराजगी की भी जांच की जा रही है। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं यह हमला किसी जमानत याचिका खारिज होने या सख्त निर्णय का नतीजा तो नहीं है।
जांच में जुटी पुलिस टीम
फिलहाल पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी है और भालूमाड़ गांव के आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। आसपास के ग्रामीणों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हमलावरों के बारे में कोई सुराग मिल सके। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि अभी तक किसी की आधिकारिक गिरफ्तारी नहीं हुई है। एसपी कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक, जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या हमले की योजना पहले से बनाई गई थी या यह किसी आकस्मिक गुस्से का परिणाम था।
कानून के रखवालों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना न केवल कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है बल्कि यह भी दिखाती है कि लोक सेवक और न्यायिक अधिकारी खुद कितने असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। कानून के रखवाले जब खुद को असुरक्षित महसूस करने लगें, तो आम नागरिकों के लिए सुरक्षा की भावना और कमजोर हो जाती है।
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