AI का बढ़ता असर, तीसरे विश्व युद्ध की आशंका, एलियन संपर्क और जलवायु संकट—सोशल मीडिया पर फिर चर्चा में रहस्यमयी भविष्यवाणियाँ।

दुनिया में फिर एक बार रहस्यमयी भविष्यवाणियों की चर्चा है। जैसे-जैसे 2025 खत्म होने को है, इंटरनेट पर 2026 को लेकर डर, उत्सुकता और तरह-तरह की बातें सामने आ रही हैं। इस चर्चा के केंद्र में नाम है। बाबा वेंगा। इन्हें कई लोग “बाल्कन की नास्त्रेदमस” भी कहते हैं। बाबा वेंगा असल में एक बुल्गारियाई महिला थीं, जिनका असली नाम वंगेलिया पांडेवा गुश्तेरोवा था। जन्म 1911 में हुआ और 12 साल की उम्र में उनकी आंखों की रोशनी चली गई। उनके समर्थकों का मानना है कि इसके बाद उन्हें भविष्य देखने की क्षमता मिल गई। कई लोग दावा करते हैं कि इंदिरा गांधी की हत्या, सोवियत संघ का विघटन और यहां तक कि 9/11 जैसी घटनाओं का जिक्र उन्होंने पहले ही कर दिया था। हालांकि वैज्ञानिक यह बात मानने को तैयार नहीं हैं। फिर भी, इंटरनेट पर फैली भविष्यवाणियाँ लोगों का ध्यान खींच रही हैं, खासकर 2026 को लेकर।
2026 और युद्ध की आशंका
सोशल मीडिया पर सबसे ज़्यादा चर्चा इस बात की है कि क्या 2026 तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत करेगा। रूस-यूक्रेन संघर्ष, ताइवान और चीन के बीच तनाव, मध्य पूर्व में अस्थिरता और अमेरिकी चुनावों के वैश्विक असर इन सबके बीच लोग इस भविष्यवाणी को मौजूदा हालातों से जोड़ रहे हैं। हालांकि, इस दावे का कोई प्रमाणिक स्रोत नहीं मिलता।

AI का बढ़ता प्रभाव
एक और बड़ी चर्चा यह है कि 2026 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंसानों के फैसलों पर गहरा असर डाल सकता है। कुछ लोग इसे खतरे की घंटी मान रहे हैं। भविष्यवाणी से जुड़ी दलील कहती है कि मशीनें कई क्षेत्रों में इंसानों से ज़्यादा सक्षम हो सकती हैं और दुनिया तेजी से टेक्नोलॉजी पर निर्भर होती जाएगी। आज की दुनिया में AI की तेजी को देखते हुए इस दावा और ज्यादा चर्चा में है।
क्या एलियंस से मुलाकात होगी?
यह भविष्यवाणी सबसे रोमांचक और अटपटी लगती है। कहा जा रहा है कि 2026 में पृथ्वी किसी बाहरी सभ्यता के संपर्क में आ सकती है और नवंबर माह में एक बड़ा स्पेस ऑब्जेक्ट पृथ्वी के पास से गुजरेगा। लेकिन वैज्ञानिकों के अनुसार ऐसा कोई सबूत नहीं है कि बाबा वेंगा ने वाकई ऐसा कहा था।
रूस से नया नेता?
कथित भविष्यवाणियों में यह दावा भी बहुत फैल रहा है कि 2026 में रूस से एक शक्तिशाली लीडर उभरेगा जो वैश्विक राजनीति को बदल सकता है। यह भविष्यवाणी पूरी तरह अस्पष्ट है और इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि भी नहीं है।
जलवायु संकट और प्राकृतिक आपदाएँ
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक एक और दावा कहता है कि 2026 में भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और भारी मौसम परिवर्तन दुनिया के 7-8% क्षेत्र को प्रभावित कर सकते हैं। ग्लोबल वॉर्मिंग और जलवायु संकट की वजह से यह दावा लोगों के बीच और ज्यादा गंभीर दिखाई देता है।
आर्थिक अस्थिरता
इंटरनेट पर यह बात भी तेजी से फैल रही है कि 2026 में अर्थव्यवस्था दबाव में आ सकती है। ऊर्जा, खाद्य और वित्तीय प्रणालियों पर बड़ा असर पड़ सकता है। साथ ही कहा जा रहा है कि एशिया, खासकर चीन, दुनिया की राजनीति और आर्थिक व्यवस्था में और मजबूत हो सकता है।
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