तमिलनाडु, आंध्र और पुडुचेरी में तेज हवाएं और भारी बारिश; उड़ानें रद्द, स्कूल-कॉलेज बंद, श्रीलंका में 123 मौतें और भारत ने लॉन्च किया ‘ऑपरेशन सागर बंधु’

श्रीलंका में भारी तबाही मचाने के बाद साइक्लोन दितवाह अब तेजी से भारत की ओर बढ़ रहा है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार यह तूफान 30 नवंबर की शाम तक तमिलनाडु और पुडुचेरी के तटीय क्षेत्रों से टकरा सकता है। इसके असर से दक्षिण भारत के कई राज्यों में तेज हवाएं, भारी बारिश और समुद्र में ऊंची लहरें उठने लगी हैं। तटीय इलाकों में स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और पुडुचेरी में कई जगहों पर बारिश शुरू हो चुकी है और हवा की रफ्तार बढ़ रही है। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि अगले दो दिनों में यह तूफान और ताकतवर हो सकता है।
तमिलनाडु में 54 फ्लाइट्स रद्द, स्कूल-कॉलेज बंद
तेज बारिश और हवा की स्थिति को देखते हुए तमिलनाडु में एयर ट्रैफिक पर बड़ा असर पड़ा है। चेन्नई एयरपोर्ट से 54 उड़ानें रद्द की जा चुकी हैं। रेलवे विभाग ने भी कुछ रूट्स पर ट्रेनों की स्पीड घटा दी है और कुछ लोकल सेवाओं को अस्थायी रूप से रोका गया है। पुडुचेरी प्रशासन ने शनिवार को छुट्टी घोषित करते हुए परीक्षा स्थगित कर दी है। वहीं पुडुचेरी, कराईकल, माहे और यनम में सभी स्कूल और कॉलेज सोमवार तक बंद रहेंगे।
श्रीलंका में भारी तबाही
भारत की ओर बढ़ने से पहले यह तूफान श्रीलंका में भीषण तबाही मचा चुका है। वहां बाढ़ और लैंडस्लाइड की वजह से 123 से अधिक लोगों की मौत हो गई है, जबकि 130 से ज्यादा लोग अब भी लापता हैं। चेन्नई की फ्लाइट कैंसल होने के कारण श्रीलंका के कोलंबो एयरपोर्ट पर करीब 300 भारतीय यात्री फंसे हुए हैं, जो दुबई से श्रीलंका होकर भारत लौट रहे थे। भारतीय दूतावास इन यात्रियों के लिए अस्थायी मदद और व्यवस्था कर रहा है।

मौसम विभाग की चेतावनी
IMD के मुताबिक दितवाह तूफान फिलहाल दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के उत्तरी क्षेत्र में केंद्रित है। पिछले छह घंटों में यह लगभग 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर दिशा की ओर बढ़ा है। मौसम विभाग का कहना है कि लैंडफॉल के दौरान हवा की रफ्तार 90–110 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही तटीय इलाकों में 3 से 5 मीटर ऊंची लहरें उठने का अनुमान है।
चक्रवात की स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने राहत और बचाव कार्यों को तेज किया है। तमिलनाडु के विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू, तिरुवल्लूर, नागपट्टिनम, तंजावुर, तिरुवरुर, पुदुक्कोट्टई और मयिलादुथुरई जिलों में NDRF की 14 टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा, पुणे और वडोदरा से 10 और टीमें भेजी जा रही हैं, जो चीफ रेस्क्यू ऑपरेशन का हिस्सा होंगी।
आंध्र प्रदेश में भी 4 दिन का रेड अलर्ट
दितवाह का असर सिर्फ तमिलनाडु तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि आंध्र प्रदेश में भी इसका प्रभाव दिखाई देगा। 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक यहाँ कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है। प्रकाशम, नेल्लोर, कडप्पा और अन्नामय्या जिलों को सबसे प्रभावित क्षेत्र माना जा रहा है। प्रशासन ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है।
ऑपरेशन सागर बंधु
श्रीलंका के हालात बिगड़ते देख भारत ने मानवीय मदद के लिए ऑपरेशन सागर बंधु शुरू किया है। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना का IL-76 विमान कोलंबो पहुंच चुका है, जिसमें NDRF के 80 जवान और करीब 27 टन राहत सामग्री भेजी गई है। मदद का यह सिलसिला और बढ़ाया जाएगा। राज्य प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अगले 48 घंटे सावधानी बरतें और बिना जरूरत घरों से बाहर न निकलें। बिजली और नेटवर्क बाधित होने की आशंका के चलते टॉर्च, चार्जिंग पॉवर बैंक, दवाइयां और पीने का पानी पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है। मछुआरों को समुद्र में जाने से रोक दिया गया है और कई गांवों की सुरक्षित जगहों पर शिफ्टिंग की जा रही है।
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