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धर्म,जनसंख्या और राष्ट्रवाद पर धीरेंद्र शास्त्री के बयान से छिड़ी नई बहस!”

हिंदुओं को कम से कम चार बच्चे पैदा करने की सलाह।

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा “अब उन जगहों पर जाऊंगा, जहां हिंदुओं का परिवर्तन कराया जा रहा है।”

शिवपुरी (मध्य प्रदेश)। बागेश्वर धाम के प्रमुख धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शिवपुरी में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धर्म परिवर्तन, जनसंख्या और राष्ट्रवाद पर दिए बयान से नई बहस छेड़ दी है। उनके बयान के बाद राजनीतिक पार्टियों और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाएँ तेज हो गई हैं।

हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने की सलाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शास्त्री ने कहा कि हिंदू समुदाय को अपनी संख्या मजबूत रखने के लिए “कम से कम चार बच्चे” पैदा करने चाहिए। उन्होंने कहा, “अगर चच्चे के 30 बच्चे हो सकते हैं, तो हिंदुओं के चार क्यों नहीं? संख्या होगी तो समाज मजबूत होगा।”
उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर जनसंख्या नीति और धार्मिक संतुलन को लेकर बहस शुरू हो गई है।

धर्म परिवर्तन वाले इलाकों में जाने की योजना

शास्त्री ने अपने संबोधन में घोषणा की कि वे उन क्षेत्रों की यात्रा करेंगे जहाँ, धीरेंद्र शास्त्री ने कहा , बड़ी संख्या में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले महीनों में वे पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के कई इलाकों में “जागरूकता अभियान” चलाएँगे।

आतंकवाद और शिक्षा पर टिप्पणी

धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि देश में हुई कई आतंकी घटनाओं में शिक्षित लोग शामिल पाए गए हैं। उन्होंने मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे अपने बच्चों को “देश के लिए सम्मान लाने वाली शिक्षा” दें। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि कोई भी बच्चा गलत रास्ते पर न जाए। आप अपने बच्चों को आतंकवादी नहीं, अब्दुल कलाम बनाइए।”

राजनीति में आने से इनकार

अपने प्रवचन के दौरान शास्त्री ने स्पष्ट किया कि वे राजनीति में आने के इच्छुक नहीं हैं। उन्होंने कहा, “मैं संसद में नहीं जाना चाहता, मैं हिंदुओं के दिलों में जाना चाहता हूँ।” उन्होंने दावा किया कि उनका उद्देश्य राजनीति नहीं, बल्कि “धर्म और संस्कृति की रक्षा” है।

शिक्षा में गीता-रामायण शामिल करने की मांग

कार्यक्रम में शास्त्री ने स्कूल और कॉलेजों के पाठ्यक्रम में भगवद गीता और रामायण जैसे ग्रंथ शामिल करने की मांग उठाई। धीरेंद्र शास्त्री अनुसार, इससे युवा पीढ़ी में “चरित्र निर्माण और अनुशासन” बढ़ेगा।

राष्ट्रवाद पर तीखी टिप्पणी

शास्त्री ने कहा कि भारत सनातन संस्कृति की भूमि है और यहाँ रहने वाले हर नागरिक को देश का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने कहा, “कुछ लोग इस देश का नमक खाते हैं, लेकिन तिरंगे में चांद देखना चाहते हैं। हम चांद पर तिरंगा देखना चाहते हैं।”

बयान पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

शास्त्री के बयान को लेकर राजनीतिक दलों में मतभेद देखने को मिल रहे हैं। कुछ संगठन इसे “हिंदू समाज की जागरूकता” बताते हैं, जबकि कई इसे “धार्मिक ध्रुवीकरण बढ़ाने वाला” और “संविधान की भावना के खिलाफ” बता रहे हैं। ज्ञात हो कि धीरेंद्र शास्त्री अपने बयानों से पहले भी कई बार विवादों में आ चुके हैं।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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