सोशल मीडिया पर फैली फेक खबर के बाद हाई अलर्ट, सरकार ने बढ़ाई जेल की सुरक्षा।

पाकिस्तान में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब यह बात सोशल मीडिया पर फैलने लगी कि पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चेयरमैन इमरान खान की मौत हो गई है। सुबह से ही ये खबरों देश में छायी रहीं । कई लोगों ने यह दावा करना शुरू कर दिया कि इमरान खान की जेल में हत्या कर दी गई, जबकि कुछ पोस्ट में कहा गया कि उनकी हालत बहुत खराब है और उनकी मौत हो चुकी है।
परिवार की चिंता और शक
इमरान खान इन दिनों लाहौर की आदियाला जेल में बंद हैं। उनके परिवार ने पहले भी कई बार कहा था, कि उन्हें इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंता है। परिवार का आरोप था कि उन्हें उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा और मेडिकल सुविधाएं भी सही तरीके से उपलब्ध नहीं है। इन्हीं बातों के चलते अचानक मौत की खबर चलने लगी ।
अफवाहों ने मचाया बवाल
जैसे ही ये बातें, फैलनी शुरू हुईं, पाकिस्तान में सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। जेलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई और कई शहरों में पुलिस को हाई अलर्ट पर रखा गया। सोशल मीडिया पर फर्जी तस्वीरें और मैसेज तेजी से वायरल होने लगे। जिससे हालात और बिगड़ने लगे। कई लोग यह जानने के लिए बैचेन थे कि इमरान खान सही सलामत हैं या नहीं।
कुछ घंटों की उथल-पुथल के बाद यह साफ कर दिया गया, कि इमरान खान जिंदा हैं और उनके साथ कोई घटना नहीं हुई है। यह सिर्फ अफवाह थी। जिसे सोशल मीडिया पर फैलाकर बड़ा विवाद खड़ा कर दिया गया था।
पाकिस्तान की जेल कि हालत
इस घटना के बाद यह सवाल फिर उठने लगा कि, आखिर पाकिस्तान की जेलों में कैदियों की स्थिति कैसी है। वहां सुरक्षा कितनी मजबूत है और कितने कैदी जेल में ही जान गंवा देते हैं। पाकिस्तान में जेलों में होने वाली मौतों के आंकड़े आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आते। लेकिन कई रिपोर्ट्स और यूट्यूब चैनलों के मुताबिक हर साल दर्जनों कैदियों की मौत जेल में ही हो जाती है। इनमें भारतीय कैदी और मछुआरे भी शामिल हैं। पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तान की जेलों में कम से कम सात भारतीय मछुआरे दम तोड़ चुके हैं। इनमें से कुछ की मौत हार्ट अटैक से हुई, तो कुछ को समय पर इलाज नहीं मिल पाया।
फांसी की सजा पाए कैदी
इमरान खान को भ्रष्टाचार मामलों में 14 साल की सजा सुनाई गई है, लेकिन पाकिस्तान की जेलों में ऐसी स्थिति अलग नहीं है। वहां हजारों कैदी हैं, जिन्हें मृत्युदंड सुनाया जा चुका है और वे सालों से फांसी का इंतजार कर रहे हैं।
‘जेल डेटा रिपोर्ट 2024’ के अनुसार, पाकिस्तान में मौत की सजा पर इंतजार कर रहे कैदियों की संख्या 6,161 है। खास बात यह है कि इनमें से कई कैदी 10 से 15 वर्ष से फांसी की तारीख का इंतजार कर रहे हैं। पाकिस्तान दुनिया के उन देशों में आता है, जहां सबसे अधिक संख्या में मौत की सजा सुनाई जाती है।