खराब खाने और साफ-सफाई के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन, परिसर और वाहनों को नुकसान तीन दिनों में जांच रिपोर्ट देने का आदेश

मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में स्थित वीआईटी यूनिवर्सिटी में मंगलवार देर रात छात्रों और प्रशासन के बीच भड़का तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। यूनिवर्सिटी के छात्रों ने खाने की खराब गुणवत्ता और साफ-सफाई की स्थिति को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया था जिसने जल्दी ही हिंसक रूप ले लिया। अब स्थिति नियंत्रण के बाहर होते जा रही है।
गुस्साए छात्रों ने लगा दी वाहनों में आग
जानकारी के अनुसार, करीब 4,000 गुस्साए छात्रों ने कई वाहनों में आग लगा दी और परिसर की प्रॉपर्टी को भी नुकसान पहुंचाया। जलती हुई गाड़ियों के बीच छात्रों के नारों और प्रदर्शन के वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि यूनिवर्सिटी में साफ-सफाई का अभाव है और खाने की क्वालिटी बेहद खराब है। उन्होंने कई बार प्रबंधन से शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। इसके बाद उनका गुस्सा हिंसक प्रदर्शन में बदल गया। इस मामले के गंभीर होने के बाद मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय रेगुलेटरी कमीशन ने तुरंत एक तीन सदस्यीय जांच पैनल गठित किया। आयोग ने निर्देश दिए हैं कि पैनल तीन दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपे।
जांच पैनल के सदस्य
जांच समिति की अध्यक्षता शासकीय हमीदिया कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. अशोक शिवानी करेंगे। समिति के अन्य सदस्य शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय, भोपाल के प्राचार्य प्रो. संजय दीक्षित और शासकीय गांधी चिकित्सा महाविद्यालय, भोपाल के प्राचार्य डॉ. लोकेंद्र दुबे होंगे। समिति वीआईटी यूनिवर्सिटी में जाकर प्रबंधन, छात्रों और संबंधित पक्षों से चर्चा करेगी और पूरे मामले की गहन पड़ताल करेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाए रखना विश्वविद्यालय प्रबंधन की जिम्मेदारी है। अगर कोई लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

प्रोफेसर संग्राम केसरी दास की मौत
उसी परिसर में एक और दुखद घटना सामने आई। इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रोफेसर संग्राम केसरी दास का शव मिला। उनकी पहचान चाणक्यपुरी इलाके में किराए के कमरे में रहने वाले व्यक्ति के रूप में हुई है। प्रोफेसर के शव को एक व्यक्ति जिला अस्पताल लेकर आया और फिर वहां से चला गया। पुलिस ने उनके परिजनों को सूचना दे दी है। परिजन ओडिशा से आकर पोस्टमार्टम कराएंगे, जिससे मौत के कारणों का पता लगाया जा सके।
हिंसक प्रदर्शन का कारण
वीआईटी यूनिवर्सिटी में छात्र विरोध प्रदर्शन की शुरुआत तब हुई जब कुछ छात्रों में संदिग्ध रूप से पीलिया के लक्षण दिखाई दिए। छात्रों ने आरोप लगाया कि कैंपस की साफ-सफाई और खाने की क्वालिटी बहुत खराब है। कई बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने कोई सुधार नहीं किया। इसके बाद छात्र आक्रोशित हो गए और परिसर में हिंसक प्रदर्शन किया।
कैंपस में स्थिति
हाईवे पर यूनिवर्सिटी के पास छात्रों के प्रदर्शन के कारण इलाके में भारी अव्यवस्था देखने को मिली। गुस्साए छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की और वाहनों में आग लगा दी। वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं, जिनमें छात्र नारों के साथ आगजनी और हिंसा करते दिख रहे हैं। स्थानीय प्रशासन ने स्थिति पर काबू पाने के लिए तुरंत कदम उठाए।
आयोग की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय रेगुलेटरी कमीशन ने घटना की गंभीरता को देखते हुए पैनल गठित किया। आयोग ने पैनल को निर्देश दिए कि वह तीन दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंपे। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया कि विश्वविद्यालय प्रबंधन का कर्तव्य है कि वह शिक्षा के अनुकूल वातावरण बनाए रखे। अगर कोई लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो उचित कार्रवाई की जाएगी।
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