मशहूर गीतकार, पटकथा लेखक और शायर जावेद अख्तर बॉलीवुड और साहित्य जगत में अपनी बेबाक राय और बेहतरीन रचनाओं के लिए जाने जाते हैं। उनकी कविताओं और गीतों में भावनाओं की गहराई साफ झलकती है। हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के शुरुआती संघर्षों को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा किया, जो फैन्स के बीच वायरल हो रही है।

27 पैसे लेकर आए थे मुंबई
जावेद अख्तर ने अपनी 61वीं मुंबई आने की सालगिरह पर ट्वीट करते हुए बताया कि “कैसे 1964 में 19 साल की उम्र में वे बॉम्बे सेंट्रल स्टेशन पर सिर्फ 27 पैसे लेकर उतरे थे। उस समय उन्हें बेघर होने, भूख और बेरोजगारी जैसी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जावेद ने लिखा कि आज जब वे अपनी जिंदगी का हिसाब लगाते हैं, तो महसूस होता है कि जीवन ने उन पर बहुत मेहरबानी की है। उन्होंने मुंबई, महाराष्ट्र, अपने देश और उन सभी लोगों का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने उनके काम की सराहना की।”
उनकी इस पोस्ट पर फैन्स ने बेहद सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। कई लोगों ने उनके साहस की तारीफ की, जबकि कुछ ने उनके पिता जां निसार अख्तर और दादा मुज्तर खैराबादी की विरासत का जिक्र किया। फैन्स ने कहा कि जावेद की यात्रा समर्पण और मेहनत की मिसाल है।
हाल ही में एक इंटरव्यू में जावेद अख्तर ने सफलता को कड़ी मेहनत और किस्मत का परिणाम बताया था। । उन्होंने कहा, “सफलता पाने में मेहनत और किस्मत दोनों की भूमिकाएं जरूरी हैं, और यह कभी विरोधी नहीं होती।” जावेद अख्तर ने जिंदगी को रमी के खेल से तुलना की । उनका कहना है कि जैसे कार्ड पत्ते और परिस्थिति दोनों जरूरी हैं, वैसे ही जीवन में मौके और आपका हुनर दोनों महत्वपूर्ण हैं।
उन्होंने, बताया कि जीवन में आपको हमेशा चुनौतियां और परिस्थितियां मिलती हैं, लेकिन यह आपकी समझ, रणनीति और मेहनत है जो आपको सफलता तक ले जाती है। जैसे रमी में सही कार्ड खेलने का हुनर जरूरी है, वैसे ही जीवन में परिस्थितियों का सही आंकलन और सही कदम उठाना सफलता की राह दिखाता है।