अमेरिकी रिपोर्ट का विवादित दावा! भारत–पाक संघर्ष में पाकिस्तान को बताया ‘विजेता’
अमेरिका की एक रिपोर्ट के दावे ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। विवाद अमेरिका की यूएस–चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमिशन (USCC) की ताज़ा रिपोर्ट को लेकर है। इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि मई में हुए चार दिनों के संघर्ष में पाकिस्तान ने भारत पर “सैन्य सफलता” हासिल की। हालांकि तथ्य, सरकारी बयान और सैन्य रिकॉर्ड देखने पर यह दावा कमजोर दिखाई दे रहा है। रिपोर्ट में जिस तरह पाकिस्तान की बढ़त बताई गई है, वह जमीन पर हुई घटनाओं से मेल नहीं खाती।

चीन के आधुनिक हथियारों पर केंद्रित है रिपोर्ट
दरअसल, रिपोर्ट का बड़ा हिस्सा चीन के आधुनिक हथियारों—J-10 विमान, PL-15 मिसाइलें और HQ-9 एयर डिफेंस सिस्टम—के इस्तेमाल पर केंद्रित है। यह सही हो सकता है कि चीन ने संघर्ष के दौरान अपने नए हथियारों का परीक्षण किया हो, लेकिन इससे पाकिस्तान को “विजेता” घोषित कर देना तथ्यहीन निष्कर्ष है।
रिपोर्ट में भारत द्वारा आतंकवादी ढाँचों पर किए गए तेज़ और सटीक हमलों का ज़िक्र तक नहीं है, जबकि संघर्ष की शुरुआत में ही पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ था।

USCC की रिपोर्ट की आलोचना इसलिए भी हो रही है क्योंकि इसमें चीन द्वारा सोशल मीडिया पर फैलाए गए एआई फर्जी चित्रों को गंभीरता से शामिल किया गया है, जिन्हें भारत ने कई बार खारिज किया है। चीन के लिए पाकिस्तान एक संभावित बड़ा ग्राहक है, और यह रिपोर्ट उसी दिशा में माहौल बनाने जैसी प्रतीत होती है।
भ्रम फैलाना पाकिस्तान की पुरानी आदत
जमीनी वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग रही। 7 मई को शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ढाँचों को बड़ा नुकसान पहुँचाया और उसकी आगे की क्षमता को कमजोर किया।
इसके मुकाबले पाकिस्तान की प्रतिक्रिया असंगठित और घबराहट भरी थी—सीमा पर अंधाधुंध गोलीबारी, नागरिक इलाकों को निशाना बनाना और दुष्प्रचार फैलाना।
यह वही पुरानी रणनीति है जिसमें भ्रम का माहौल बनाकर नुकसान छिपाने की कोशिश की जाती है। अंत में युद्धविराम की पहल भी पाकिस्तान ने ही की—जो किसी “विजेता” देश की स्थिति नहीं होती।

भारत ने हमेशा आतंकवाद के खिलाफ जिम्मेदार, सटीक कार्रवाई को प्राथमिकता दी है। ऐसे में USCC की रिपोर्ट में भारतीय पक्ष, आधिकारिक बयानों और सैन्य तथ्यों की अनदेखी चिंताजनक है।
वास्तविकता यही है कि ऑपरेशन सिंदूर ने साबित किया कि भारत अपनी सुरक्षा के लिए निर्णायक और प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह सक्षम है।