खरगे–राहुल की बैठक के बाद कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर पक्षपात के आरोप दोहराए, कहा — वास्तविक मतदाताओं को हटाने की हर कोशिश का करेंगे पर्दाफाश

देश में इन दिनों मतदाता सूची के “स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन” (SIR) को लेकर राजनीति गर्म है। चुनाव आयोग ने 12 राज्यों और कुछ केंद्र शासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट की गहन जांच शुरू की है। सरकार का दावा है कि इससे फर्जी नाम हटेंगे और वास्तविक मतदाता जोड़े जाएंगे। लेकिन कांग्रेस शुरुआत से ही इस प्रक्रिया को संदिग्ध बता रही है।
इसी मुद्दे पर कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के इंदिरा भवन में एक बड़ी समीक्षा बैठक की। इसमें मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, AICC पदाधिकारी, प्रदेश अध्यक्ष और विधायक दल के नेता शामिल हुए। बैठक में SIR चल रहे राज्यों से विस्तृत रिपोर्ट ली गई।
बैठक में क्या कुछ हुआ?
बैठक के बाद कांग्रेस ने SIR पर गंभीर आरोप लगाए। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि “SIR विपक्ष को कमजोर करने और चुनावों को प्रभावित करने का तरीका बन गया है।” उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस अब सड़कों पर भी लड़ाई लड़ेगी।
उन्होंने बताया कि दिसंबर के पहले हफ्ते में दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली होगी, जिसमें 12 राज्यों से कार्यकर्ता शामिल होंगे।
राहुल गांधी और खरगे ने भी अपनी बात कड़े शब्दों में रखी। खरगे ने कहा कि “कांग्रेस किसी भी कीमत पर वास्तविक मतदाताओं को हटाने और फर्जी नाम जोड़ने की कोशिश को सफल नहीं होने देगी।”
उन्होंने कहा कि कई राज्यों से शिकायतें मिली हैं कि असली मतदाताओं के नाम बिना जांच किए हटाए जा रहे हैं, जो चुनाव को प्रभावित करने वाली प्रक्रिया है।
राहुल गांधी ने फिर चुनाव आयोग पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग को साबित करना होगा कि वह “किसी दबाव में काम नहीं कर रहा।”
उन्होंने कहा कि SIR ऐसी प्रक्रिया बन गई है जिसमें विपक्षी वोटरों को निशाना बनाया जा रहा है। राहुल ने कहा, “लोकतंत्र मतदाता से चलता है। अगर मतदाता ही हटाए जाने लगेंगे तो चुनाव सिर्फ दिखावा रह जाएंगे।”

SIR का राजनीतिक इस्तेमाल?
कांग्रेस का आरोप है कि SIR को “राजनीतिक हथियार” की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। जिन राज्यों में कांग्रेस का वोटबेस मजबूत है, वहीं सबसे ज्यादा शिकायतें सामने आ रही हैं।
खरगे ने कहा कि यदि चुनाव आयोग शिकायतों को नज़रअंदाज करता है तो यह स्पष्ट संकेत होगा कि आयोग भी इस प्रक्रिया का हिस्सा है।
बिहार चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस इसे वोटर सूची में हेरफेर का नतीजा बता रही है। पार्टी का मानना है कि यदि SIR का इस्तेमाल गलत तरीके से किया गया तो भविष्य के चुनावों का नतीजा पहले से तय हो जाएगा।
BLO को लेकर सवाल
कांग्रेस ने कहा कि कई राज्यों से ऐसी शिकायतें हैं कि लोगों के नाम बिना किसी सूचना के लिस्ट से हटा दिए गए। कई घरों में BLO गया ही नहीं, फिर भी नाम “संदिग्ध” चिह्नित दिख रहे हैं।
कांग्रेस का कहना है कि यह “एक पैटर्न” बन रहा है, और यह पैटर्न विपक्ष के खिलाफ जाता है।
SIR प्रक्रिया में अपारदर्शिता
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि SIR में पारदर्शिता की भारी कमी है—फॉर्म भरने की जानकारी, दस्तावेज़, प्रक्रिया, कोई भी बात स्पष्ट नहीं बताई जा रही। इससे वास्तविक मतदाता परेशान हो रहे हैं और उनके नाम गायब होने का खतरा बढ़ गया है।
लंबी लड़ाई की शुरुआत
खरगे ने कहा कि कांग्रेस जनता के साथ खड़ी होगी और लोकतंत्र कमजोर करने की हर कोशिश का विरोध करेगी। उन्होंने कहा कि “रामलीला मैदान की रैली सिर्फ शुरुआत है—यह एक लंबी लड़ाई की घोषणा है।”
राहुल गांधी ने कहा, “अगर मतदाता को ही डराया जाएगा या हटाया जाएगा तो चुनाव का क्या मतलब रह जाएगा? हम यह नहीं होने देंगे।”
कांग्रेस ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग शिकायतों पर तेज कार्रवाई नहीं कर रहा। कई राज्यों की इकाइयों ने गलतियों की शिकायतें दीं, लेकिन हफ्तों तक जवाब नहीं मिला। पार्टी इसे SIR की “पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया” का हिस्सा मान रही है।
केसी वेणुगोपाल ने बताया कि रामलीला मैदान की रैली में 12 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। उन्होंने कहा, “यह सिर्फ एक रैली नहीं—लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई है।”
कांग्रेस ने यह भी साफ किया कि जरूरत पड़ी तो वह न्यायालय तक जाएगी ताकि मतदाता सूची में धांधली को रोका जा सके।