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6 महीने में राजनीति छोड़ दूंगा अगर … प्रशांत किशोर की नीतीश कुमार फिर खुली चुनौती

6 महीने में राजनीति छोड़ दूंगा अगर … प्रशांत किशोर की नीतीश कुमार को फिर खुली चुनौती

प्रशांत किशोर ने लिया हार का जिम्मा, कहा – बिहार नहीं छोड़ूंगा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जन सुराज पार्टी को मिली करारी हार के बाद प्रशांत किशोर पहली बार मीडिया के सामने आए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने साफ कहा कि वह बिहार छोड़ने वाले नहीं हैं और पहले की तरह ही गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करते रहेंगे।

पीके ने बताया कि वह चुनावी हार का प्रायश्चित करने के लिए 20 नवंबर को गांधी आश्रम में सामूहिक मौन उपवास करेंगे।

Prashant Kishor Latest Statement

गलतियों को स्वीकार किया

पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने माना कि जन सुराज पार्टी को एक भी सीट नहीं मिलना उनकी ही गलती है। उन्होंने कहा कि वह साढ़े तीन साल पहले बिहार की व्यवस्था बदलने के संकल्प के साथ निकले थे, लेकिन वह न तो व्यवस्था बदल सके और न ही सत्ता परिवर्तन करा पाए।

पीके ने कहा कि जनता ने हम पर भरोसा नहीं दिखाया, इसका मतलब है कि हमसे कहीं न कहीं गलती हुई

सरकार की योजनाओं से हुआ चुनाव प्रभावित

प्रशांत किशोर ने कहा कि चुनाव से पहले नीतीश सरकार की ओर से 40 हजार करोड़ रुपये की कई योजनाएं चलाई गईं।

  • स्वरोजगार योजना के तहत डेढ़ करोड़ महिलाओं के खाते में 10-10 हजार रुपये भेजे गए।
  • वादा किया गया कि 6 महीने बाद हर परिवार को 2-2 लाख रुपये दिए जाएंगे।

पीके ने कहा कि अब एनडीए सरकार की जिम्मेदारी है कि वह यह पैसा महिलाओं को दे, ताकि उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सके।

PK Press Conference Bihar

6 महीने की खुली चुनौती

पीके ने साफ कहा कि अगर नीतीश कुमार की सरकार आने वाले 6 महीनों में महिलाओं को 2-2 लाख रुपये दे देती है, तो वह राजनीति से संन्यास ले लेंगे।

लेकिन अगर सरकार ऐसा नहीं कर पाती, तो इसका मतलब यह होगा कि चुनाव से पहले महिलाओं को केवल 10-10 हजार रुपये देकर वोट खरीदे गए थे।

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Shashwat Srijan

Content Writer

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