पाकिस्तान में संवैधानिक तख्तापलट! असीम मुनीर बने CDF, आर्मी चीफ के पास होगा परमाणु बम का बटन!
पाकिस्तान में सेना को मिली नई ताकत: संविधान में हुआ ऐतिहासिक संशोधन
पाकिस्तान की संसद ने बुधवार को 27वां संवैधानिक संशोधन पारित किया है। इसके तहत सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर को विशेष शक्तियां दी गई हैं। अब मुनीर को देश की सभी सशस्त्र सेनाओं और परमाणु हथियारों की कमान सौंप दी गई है। इस संशोधन को नेशनल असेंबली में 234 वोटों से मंजूरी मिली, जबकि सीनेट पहले ही इसे पास कर चुकी थी। अब यह प्रस्ताव राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी के हस्ताक्षर के बाद कानून बनेगा।

मुनीर होंगे अब “चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज़ (CDF)”
इस संशोधन के तहत जनरल मुनीर अब “चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज़ (CDF)” का पद संभालेंगे, जिसके पास सेना, नौसेना और वायुसेना तीनों की कमान होगी। इतना ही नहीं, अब पाकिस्तान के परमाणु हथियारों का नियंत्रण भी प्रधानमंत्री के बजाय सेना के हाथों में चला जाएगा। इसके लिए नई “नेशनल स्ट्रैटेजिक कमांड (NSC)” की स्थापना की जाएगी।
न्यायपालिका की शक्तियों में भी कटौती
संशोधन में न्यायपालिका की शक्तियों में भी कटौती की गई है। अब संविधान से जुड़े मामलों की सुनवाई सुप्रीम कोर्ट की जगह नई “फेडरल कॉन्स्टिट्यूशनल कोर्ट” करेगी, जिसके जजों की नियुक्ति सरकार द्वारा की जाएगी। विपक्ष और कानून के जानकारों का कहना है कि यह कदम न्यायपालिका की स्वतंत्रता पर बड़ा हमला है।

पीटीआई ने बताया लोकतंत्र विरोधी कदम
इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) ने इस कदम को “लोकतंत्र विरोधी” बताते हुए संसद में जोरदार विरोध किया। विपक्षी नेताओं ने बिल की प्रतियां फाड़ दीं और वॉकआउट कर दिया। PTI प्रवक्ता ज़ुल्फिकार बुखारी ने कहा, “संसद ने आज लोकतंत्र और न्यायपालिका दोनों को खत्म कर दिया है।”
वहीं प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संशोधन का बचाव करते हुए कहा कि यह “राष्ट्रीय एकता की दिशा में कदम” है और इससे सशस्त्र बलों की भूमिका को मान्यता मिली है। विश्लेषकों का मानना है कि इस कदम से पाकिस्तान में सेना की राजनीतिक पकड़ और मजबूत हो जाएगी और सैन्य शक्ति अब संविधान में स्थायी रूप से दर्ज हो गई है।