देशविरोधी ताकतों के खिलाफ होगी कड़ी कार्रवाई, मृतकों को श्रद्धांजलि और घायलों की मदद के निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक, आतंकवाद पर सख्त रुख कहा, “भारत किसी भी कीमत पर आतंक को बर्दाश्त नहीं करेगा।”

दिल्ली के लाल किले के पास सोमवार शाम हुआ कार धमाका पूरे देश के लिए एक डराने वाली खबर बन गया। इस धमाके में अब तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और 20 से ज्यादा लोग घायल हैं। धमाका इतना जोरदार था कि चांदनी चौक, दरियागंज और आसपास के इलाकों तक लोग सहम गए। कार में आग लग गई और कुछ मिनटों में वहां अफरा-तफरी मच गई। सरकार की ओर से अब इसको लेकर एक बयान आया है।
सुरक्षा पर कैबिनेट बैठक में लिया गया फैसला
बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई, जिसमें इस धमाके पर गहरा शोक जताया गया। सरकार ने अब इस घटना को आतंकी हमला बताया है। बैठक की शुरुआत सभी मंत्रियों ने खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर की, ताकि मृतकों को श्रद्धांजलि दी जा सके।

आतंकवाद पर सरकार का रुख
कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने साफ कहा कि “भारत आतंकवाद को किसी भी रूप में बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह हमला देशविरोधी ताकतों की साजिश है और इसका जवाब कड़ी कार्रवाई से दिया जाएगा। बैठक में गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अन्य वरिष्ठ मंत्री मौजूद थे। सभी ने एकमत से कहा कि जांच को तेजी और पेशेवर तरीके से किया जाए ताकि दोषियों को जल्द पकड़कर सज़ा दी जा सके।”
अश्विनी वैष्णव ने कहा
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक में एक प्रस्ताव पढ़ा, जिसमें कहा गया कि “10 नवंबर की शाम लाल किले के पास देशविरोधी ताकतों ने एक कार में विस्फोट कर निर्दोष लोगों की जान ली। यह हमला न केवल दिल्ली बल्कि पूरे देश पर हमला है।” सरकार ने इसे “कायराना और जघन्य अपराध” बताते हुए कहा कि भारत Zero Tolerance यानी आतंकवाद को लेकर कोई नरमी नहीं की नीति पर कायम है।
घायलों की मदद और मेडिकल टीमों की तारीफ
बैठक में घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की गई और डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की सराहना की गई जिन्होंने तुरंत मौके पर पहुंचकर लोगों की जान बचाई। दिल्ली पुलिस, फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ की टीमों ने आग बुझाने और राहत कार्य में तेजी दिखाई। घायलों को तुरंत एलएनजेपी, सफदरजंग और राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। कई लोगों की हालत अभी भी गंभीर बताई जा रही है।

पीएम मोदी और अमित शाह की अहम बैठक
कैबिनेट बैठक के बाद प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने एक अलग सुरक्षा समीक्षा बैठक बुलाई। इस बैठक में एनएसए अजीत डोभाल और खुफिया एजेंसियों के प्रमुख मौजूद थे। बैठक में हमले की पूरी जानकारी ली गई और जांच एजेंसियों को निर्देश दिया गया कि जल्द से जल्द साजिश का पर्दाफाश करें।
क्या कहा गया मंत्रिमंडल बैठक में
सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। हम उन सभी निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं जिन्होंने अपनी जान गंवाई। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करते हैं और मेडिकल टीमों के समर्पण की सराहना करते हैं।”
“यह हमला भारत की एकता और शांति पर चोट है। हम इस कायरतापूर्ण कृत्य की कड़ी निंदा करते हैं और देश की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाएंगे।” लाल किला धमाके के बाद दुनिया के कई देशों ने भारत के प्रति समर्थन जताया। अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस और जापान ने इस हमले की निंदा करते हुए कहा कि वे भारत के साथ आतंकवाद के खिलाफ खड़े हैं। कैबिनेट ने इस एकजुटता के लिए सभी देशों का धन्यवाद किया और कहा कि यह भारत की मजबूत छवि का प्रमाण है।
जांच एजेंसियों की बड़ी मुहिम
दिल्ली पुलिस, एनआईए (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और आईबी (खुफिया ब्यूरो) की टीमें मिलकर काम कर रही हैं। सीसीटीवी फुटेज से पता चला है कि धमाके से कुछ मिनट पहले दो संदिग्ध लोग उस इलाके में घूमते दिखाई दिए थे। शुरुआती जांच में यह शक जताया जा रहा है कि इस हमले के पीछे जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ा नेटवर्क हो सकता है। जांच एजेंसियों ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
दिल्ली में बढ़ी सुरक्षा
धमाके के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। खासकर लाल किले, इंडिया गेट, संसद भवन और मेट्रो स्टेशनों के आसपास पुलिस की तैनाती बढ़ाई गई है। बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड लगातार इलाके की तलाशी ले रहे हैं। लोगों से अपील की गई है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
लोगों ने दिखाई सजगता
धमाके के तुरंत बाद आसपास के लोगों ने भी बड़ा साहस दिखाया। कई लोगों ने घायलों को अपनी गाड़ियों से अस्पताल पहुँचाया। कुछ दुकानदारों ने पानी और प्राथमिक इलाज की व्यवस्था की। कैबिनेट ने इन आम नागरिकों की बहादुरी और इंसानियत की भावना की भी सराहना की।
सरकार की पूरी निगरानी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि “सरकार घटना पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी तरह पेशेवर और पारदर्शी तरीके से की जाएगी ताकि सच्चाई सामने आए। सरकार ने ये भी कहा कि अगर किसी देश या संगठन की इस हमले में भूमिका पाई गई तो भारत कड़ा कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगा।” प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भारत के दुश्मनों को यह समझ लेना चाहिए कि हमारे नागरिकों की जान लेने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। देश की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।