जांच में सामने आया, डॉक्टर बने आतंकी चला रहे थे जैश-ए-मोहम्मद का मॉड्यूल, महिला विंग की भी भूमिका दिल्ली, यूपी और हरियाणा में फैला जाल, अब भी एक संदिग्ध आतंकी दिल्ली में छिपा होने की आशंका।

दिल्ली के लाल किले मेट्रो के पास हुए बम धमाके ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। शुरुआत में यह धमाका महज एक डरावनी घटना लग रही थी, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, सुरक्षा एजेंसियों को इसके पीछे गहरी आतंकी साजिश का अंदेशा हुआ। शुरुआती जांच में पता चला है कि इस धमाके के तार हरियाणा के फरीदाबाद और उत्तर प्रदेश के लखनऊ से जुड़े हैं। दोनों ही जगहों पर आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का सक्रिय नेटवर्क काम कर रहा था, जो देशभर में धमाकों की बड़ी योजना बना रहा था।
लाल किले पर किया धमाका
पुलिस जांच में सामने आया है कि फरीदाबाद में सक्रिय जैश का एक मॉड्यूल देशभर में नेटवर्क फैला रहा था। इसी मॉड्यूल से जुड़ा एक नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है, डॉक्टर उमर मोहम्मद। बताया जा रहा है कि फरीदाबाद में जब उसके साथी आतंकियों की गिरफ्तारी हुई, तो वह डर गया और पुलिस से बचते हुए दिल्ली पहुंच गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने लाल किले के पास आई-20 कार में बम लगाकर खुद को उड़ा लिया। माना जा रहा है कि उसने यह धमाका खुदकुशी के इरादे से किया या वह आत्मघाती बम बन गया था।
क्या पता चला जांच में
सुरक्षा एजेंसियों ने माना है कि फरीदाबाद में जब भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ था, तब दिल्ली पुलिस को और सतर्क होना चाहिए था। राजधानी को भले ही हाई अलर्ट पर रखा गया, लेकिन ज़मीनी स्तर पर कोई सख्त चेकिंग नहीं हुई। इसी का फायदा उठाकर उमर मोहम्मद जैसे आतंकी आसानी से दिल्ली पहुंच गए और इस वारदात को अंजाम दे दिया।
फरीदाबाद मॉड्यूल का नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, फरीदाबाद मॉड्यूल में कई डॉक्टर शामिल थे। इनमें डॉ. मुजम्मिल अहमद और डॉ. शाहीना अहम भूमिका में थे। डॉ. मुजम्मिल को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह आतंकी नेटवर्क हरियाणा, यूपी, जम्मू-कश्मीर और दिल्ली तक फैला हुआ था। जांच में यह भी सामने आया कि जम्मू-कश्मीर के पुलवामा का रहने वाला एक व्यक्ति तारिक उमर मोहम्मद को कार मुहैया करवाने में शामिल था। वही कार बाद में धमाके में इस्तेमाल की गई।

महिला विंग की भूमिका
जांच में बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि जैश-ए-मोहम्मद की महिला विंग भी इस साजिश में सक्रिय थी। फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉ. शाहीना भारत में जैश की महिला शाखा की प्रमुख बताई जा रही है। उसे संगठन के लिए भारत में नए सदस्यों की भर्ती की जिम्मेदारी दी गई थी। पाकिस्तान स्थित जमात-उल-मोमिनात नामक संगठन जैश की महिला विंग चलाता है, जिसकी भारत शाखा की कमान डॉ. शाहीना के पास थी।
इस विंग की प्रमुख सादिया अजहर पाकिस्तान में रहती है, और वह कुख्यात आतंकवादी मसूद अजहर की बहन बताई जाती है। उसका पति यूसुफ अजहर वही आतंकी है, जिसने 1999 में हुए कंधार विमान अपहरण की साजिश रची थी। यानी इस मामले के तार सीधे जैश के पुराने नेटवर्क और कंधार हाईजैक से भी जुड़ते नजर आ रहे हैं।

धमाके से कुछ घंटे पहले
दिल्ली धमाके से कुछ ही घंटे पहले हरियाणा के फरीदाबाद से एक कश्मीरी डॉक्टर के किराए के मकान से 360 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट और भारी मात्रा में हथियार व गोलियां बरामद की गई थीं। जम्मू-कश्मीर पुलिस और हरियाणा पुलिस की संयुक्त टीम ने उस डॉक्टर को वहीं से गिरफ्तार किया था। उसके पास से टाइमर, वॉकी-टॉकी और बम बनाने का पूरा सामान मिला था। माना जा रहा है कि इस बरामदगी के बाद ही उमर मोहम्मद ने घबराकर जल्दबाजी में धमाका कर दिया।
लखनऊ लिंक भी आया सामने
इसी बीच यूपी एटीएस ने लखनऊ से डॉ. परवेज अंसारी नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसका कनेक्शन भी इस आतंकी मॉड्यूल से बताया जा रहा है। शुरुआती पूछताछ में उसने फरीदाबाद और दिल्ली के नेटवर्क से अपने रिश्ते स्वीकारे हैं। इस गिरफ्तारी के बाद जांच एजेंसियों ने लखनऊ और आसपास के इलाकों में सर्च अभियान तेज कर दिया है।
अब भी दिल्ली में हो सकता है एक आतंकी
दिल्ली पुलिस के अनुसार, धमाके के बाद भी राजधानी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति लाल रंग की ईको स्पोर्ट्स कार में घूमता दिखा है, जो धमाके के कुछ मिनट पहले घटनास्थल के पास मौजूद था। उसका रजिस्ट्रेशन नंबर दिल्ली का है और माना जा रहा है कि वही व्यक्ति अब भी शहर में छिपा हो सकता है। इस कारण दिल्ली पुलिस ने सभी भीड़भाड़ वाले इलाकों, बाजारों और ऐतिहासिक स्थलों पर सुरक्षा बढ़ा दी है।
दो कारों से आए थे आतंकी
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने खुलासा किया है कि फरीदाबाद मॉड्यूल के आतंकी दो कारों से दिल्ली आए थे। इनमें से एक कार हरियाणा नंबर की थी, जिसे लाल किले के सामने विस्फोट में इस्तेमाल किया गया। दूसरी कार अब भी लापता है और माना जा रहा है कि उसमें मौजूद आतंकी अभी सक्रिय हैं। बताया जा रहा है कि दोनों कारें बदरपुर बॉर्डर से एक साथ दिल्ली में दाखिल हुईं और चांदनी चौक की पार्किंग में भी देखी गई थीं।
सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि यह धमाका देशभर में होने वाले सिलसिलेवार धमाकों की शुरुआत हो सकती थी। लेकिन समय रहते इस मॉड्यूल के कई सदस्यों की गिरफ्तारी और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी ने बड़ी तबाही को टाल दिया। हालांकि, एजेंसियों का कहना है कि अभी भी जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय नेटवर्क देश के अलग-अलग हिस्सों में छिपा हो सकता है, इसलिए जांच और सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा।