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सिर्फ 11 बाल पर जड़ा अर्धशतक! जाने कौन है आकाश चौधरी? लगातार 8 छक्के लगाकर रच दिया इतिहास

सिर्फ 11 बाल पर जड़ा अर्धशतक! जाने कौन है आकाश चौधरी? लगातार 8 छक्के लगाकर रच दिया इतिहास

 

मेघालय के आकाश चौधरी ने सिर्फ़ 11 गेंदों में पचास ठोककर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में नया कीर्तिमान बना दिया है।

 

सूरत: रणजी ट्रॉफी के एक मुकाबले में मेघालय के युवा बल्लेबाज आकाश चौधरी ने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में इतिहास रच दिया है। उन्होंने सिर्फ 11 गेंदों में अर्धशतक लगाकर सबसे तेज़ फिफ्टी का नया रिकॉर्ड बनाया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2012 में वेन व्हाइट (12 गेंद) के नाम था, वहीं क्लाइव इनमैन ने 1965 में 13 गेंदों में पचास लगाया था।

 

कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड

अपनी विस्फोटक पारी में आकाश ने लगातार आठ छक्के लगाए, जिनमें से एक ओवर में छह छक्के शामिल थे। इस कमाल के साथ वे प्रथम श्रेणी क्रिकेट में लगातार आठ छक्के लगाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए। आकाश चौधरी ने यह कारनामा अरुणाचल प्रदेश के गेंदबाज़ लिमर डाबी के खिलाफ किया। उन्होंने 14 गेंदों पर नाबाद 50 रन बनाकर पारी समाप्त की और अपनी टीम मेघालय को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया। उनकी इस शानदार बल्लेबाजी की बदौलत मेघालय ने अपनी पहली पारी 6 विकेट पर 628 रन पर घोषित कर दी।

 

कैसे किया अर्धशतक पूरा

आकाश चौधरी की पारी बेहद तेज और आक्रामक रही। उन्होंने लगातार छक्कों से ही स्कोर बढ़ाया और केवल 11 गेंदों में अर्धशतक पूरा कर लिया — दुनिया के रिकॉर्ड-बुक में दर्ज तेज अर्धशतकों की सूची में अब वे सबसे ऊपर आ गए हैं। उनके प्रदर्शन में एक ओवर में छक्कों की भरमार रही, जो उन्हें फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में लगातार आठ छक्के लगाने वाला विश्व का पहला खिलाड़ी भी बनाती है।

इतिहास में पहले भी कुछ बड़े नाम ऐसा कर चुके हैं — वेस्टइंडीज के गैरी सोबर्स और भारत के रवि शास्त्री ने पहले ही एक ओवर में छह छक्के लगाए थे; अब आकाश इस सूची में तीसरे और भारत के दूसरे खिलाड़ी के रूप में शामिल हुए हैं।

पिता करते हैं वेल्डिंग का काम

मैच के बाद आकाश ने बताया कि उन्होंने कोई खास प्रोफेशनल कोचिंग नहीं ली है और बचपन से टेनिस-बॉल क्रिकेट खेलते रहे। उन्होंने कहा कि उनके परिवार की आर्थिक पृष्ठभूमि साधारण है — पिता वेल्डिंग का काम करते हैं और माता सिलाई का काम करती हैं। आकाश ने बताया कि उनका लक्ष्य फर्स्ट-क्लास में निरंतर प्रदर्शन करके आईपीएल और भारतीय टीम तक पहुँचना है। वे खुद को भविष्य में तेज गेंदबाजों को चुनौती देने वाला खिलाड़ी मानते हैं और यह रिकॉर्ड उनके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा।

 

क्या मायने रखता है यह प्रदर्शन?

आकाश की यह तूफानी पारी केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है, बल्कि मेघालय जैसे छोटे राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि मानी जाएगी। आकाश के प्रदर्शन से टीम का मनोबल ऊँचा हुआ है और देश भर के दर्शकों का और सलेक्टर्स का ध्यान गया है। रणजी ट्रॉफी जैसे मंच पर इस तरह का प्रदर्शन युवा खिलाड़ियों के करियर को तेज रफ्तार दे सकता है।

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Shashwat Srijan

Content Writer

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