क्या है ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ विवाद? यूनुस ने पाकिस्तान जनरल को दी ‘विवादित’ किताब, भारत के 5 राज्यों को दिखाया अपना हिस्सा!
भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। बांग्लादेश के नेता मोहम्मद यूनुस ने पाकिस्तान के सैन्य अधिकारी जनरल साहिर शमशाद मिर्जा को एक ऐसी किताब भेंट की है, जिसमें छपे नक्शे में भारत के कई राज्यों को “ग्रेटर बांग्लादेश” का हिस्सा दिखाया गया है। यूनुस ने यह तोहफा ढाका में दिया और इसकी तस्वीरें अपने एक्स (Twitter) अकाउंट पर साझा कीं।
फिलहाल इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
विवादित किताब से शुरू हुआ मामला
यह विवाद ‘आर्ट ऑफ ट्रायंफ: बांग्लादेश’स न्यू डॉन’ नामक किताब को लेकर है। इस किताब में 2024 में हुए छात्र आंदोलन से लेकर शेख हसीना सरकार के पतन तक की घटनाओं को शामिल किया गया है। विवाद इसलिए भड़का क्योंकि इसमें दिखाए गए नक्शे में “ग्रेटर बांग्लादेश” की अवधारणा दर्शाई गई है, जिसमें भारत के बिहार, झारखंड, ओडिशा, असम और उत्तरपूर्वी राज्यों को भी बांग्लादेश का हिस्सा बताया गया है।
‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ संगठन से जुड़ा बताया जा रहा विचार
“ग्रेटर बांग्लादेश” की सोच को ढाका स्थित एक इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन ‘सल्तनत-ए-बांग्ला’ का विचार माना जा रहा है। किताब में छपे नक्शे में असम, मणिपुर, त्रिपुरा, मेघालय, नागालैंड, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश सहित भारत के सभी उत्तरपूर्वी राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया है।
इतना ही नहीं, म्यांमार के अराकान राज्य को भी इसमें शामिल बताया गया है, जिससे यह कदम भारत और म्यांमार दोनों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
12 से अधिक देशों को दी जा चुकी विवादित किताब
एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह किताब अब तक 12 से अधिक देशों के नेताओं और अधिकारियों को भेंट की जा चुकी है। इनमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा और पूर्व अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बताया जाता है कि सबसे पहले 2024 में यूनुस के करीबी नहीदुल इस्लाम ने यह विवादित नक्शा साझा किया था, जिसके बाद से यह सिलसिला लगातार जारी है।
पहले भी दिखाया जा चुका है विवादित नक्शा
अप्रैल 2025 में ढाका विश्वविद्यालय में बंगाली नववर्ष ‘पोहेला बैशाख’ के मौके पर लगी एक प्रदर्शनी में भी यही विवादित नक्शा प्रदर्शित किया गया था। इसके बाद अगस्त में कांग्रेस सांसद रणदीप सिंह सुरजेवाला ने यह मामला राज्यसभा में उठाया था।
उसी दौरान यूनुस ने अपने चीन दौरे के दौरान कहा था कि “ढाका इस क्षेत्र का एकमात्र समुद्री संरक्षक है और भारत के उत्तरपूर्वी सात राज्य पूरी तरह बांग्लादेश से घिरे हुए हैं, जिनके पास समुद्र तक सीधी पहुँच नहीं है।”
उनके इस बयान ने विवाद को और बढ़ा दिया था।
भारत की प्रतिक्रिया
भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस पर जवाब देते हुए कहा था कि भारत के उत्तरपूर्वी राज्य देश के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम हैं। उन्होंने कहा कि ये राज्य भारत को उसके पड़ोसी देशों से जोड़ने वाले बिम्सटेक समूह (BIMSTEC) — बांग्लादेश, भूटान, भारत, म्यांमार, नेपाल, श्रीलंका और थाईलैंड — का अभिन्न हिस्सा हैं।
शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने और उनके भारत में शरण लेने के बाद से भारत–बांग्लादेश संबंधों में तनाव बढ़ा है, जबकि मोहम्मद यूनुस लगातार चीन और पाकिस्तान के करीब होते जा रहे हैं।