बिहार चुनाव का ‘फाइनल राउंड’: आज 122 सीटों पर मतदान, ये 14 हॉट सीटों पर दांव पर दिग्गजों की किस्मत!
कौन बनेगा किंगमेकर? जीतन राम मांझी का गढ़ ‘इमामगंज’ और राजद-AIMIM की जंग ‘जोकीहाट’ बनी सबसे हॉट सीट! नतीजा बदल सकता है बिहार की राजनीति
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और आख़िरी चरण के लिए मतदान आज हो रहा है। चुनाव प्रचार रविवार शाम पांच बजे थम गया। पहले चरण में 6 नवंबर को 121 सीटों पर रिकॉर्ड मतदान हुआ था, अब दूसरे चरण में 20 जिलों की 122 सीटों पर मतदान होगा।
दूसरे चरण में 14 सीटें ऐसी हैं, जिन पर पूरे बिहार की नज़र टिकी हुई है। सीमांचल, मगध और शाहाबाद के इलाकों में फैली ये सीटें राजनीतिक दलों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई हैं। इन सीटों पर मुकाबला सामाजिक समीकरण, दलबदल और स्थानीय नेताओं की पकड़ पर निर्भर है। दूसरे चरण में बड़े नेताओं की साख दांव पर लगी है, इसलिए इन सीटों का नतीजा बिहार की राजनीति की दिशा तय कर सकता है।

दूसरे चरण की 14 हॉट सीटें जिन पर सबकी नज़र
1. गोविंदगंज (पूर्वी चंपारण): 2020 में बीजेपी की बड़ी जीत के बाद अब कांग्रेस अपनी पुरानी पकड़ दोबारा आज़माएगी।
2. जोकीहाट (अररिया): राजद और AIMIM के बीच मुस्लिम वोटों की जंग से सीमांचल की सबसे हॉट सीट बनी।
3. रूपौली (पूर्णिया): बीमा भारती के दलबदल के बाद जेडीयू के लिए यह सीट प्रतिष्ठा की लड़ाई बन गई है।
4. धमदाहा (पूर्णिया): मंत्री लेसी सिंह का गढ़, जहां महागठबंधन जेडीयू को कड़ी चुनौती देने की कोशिश में है।
5. कड़वा (कटिहार): कांग्रेस के लिए मुस्लिम-यादव एकजुटता की अहम परीक्षा वाली सीट है।
6. कहलगांव (भागलपुर): राजद और कांग्रेस के बीच पुराना सियासी संघर्ष एक बार फिर जोर पकड़ रहा है।
7. सुल्तानगंज (भागलपुर): शहरी इलाका, जहां जेडीयू की पकड़ को आरजेडी चुनौती देना चाहती है।
8. रामगढ़ (कैमूर): राजद के सुधाकर सिंह की सीट, जहां उनके बयानों और प्रदर्शन पर सबकी नज़र है।
9. दिनारा (रोहतास): 2020 में कांटे की टक्कर रही, इस बार भी नतीजा किसी भी ओर जा सकता है।
10. नवीनगर (औरंगाबाद): राजद का मजबूत गढ़, जिसे हासिल करने की पूरी कोशिश एनडीए करेगा।
11. इमामगंज (गया – सुरक्षित): जीतन राम मांझी की हाई-प्रोफाइल सीट, जहां महादलित वोट अहम भूमिका में होंगे।
12. बाराचट्टी (गया – सुरक्षित): मांझी की पार्टी की ज्योति देवी की सीट, जहां उनकी पकड़ का टेस्ट होगा।
13. नवादा (नवादा): राजद की विभा देवी की सीट, बीजेपी के लिए मगध में अपनी पैठ बढ़ाने का मौका।
14. चकाई (जमुई): निर्दलीय से विधायक बने सुमित सिंह को अब जेडीयू गठबंधन में अपनी लोकप्रियता साबित करनी होगी।

दिग्गजों की किस्मत दाँव पर
बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में एनडीए और महागठबंधन के दिग्गज दलों के उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर है। इस चरण में बीजेपी के 53, जेडीयू के 44, लोजपा (रामविलास) के 15, रालोमो के 4 और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) के 6 उम्मीदवार मैदान में हैं। कुल मिलाकर एनडीए के कई बड़े चेहरे जनता के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। वहीं, महागठबंधन की ओर से राजद ने 72 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, कांग्रेस 37 सीटों पर और वीआईपी 10 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। अन्य सहयोगी दल 5 सीटों पर अपनी किस्मत आज़मा रहे हैं। प्रचार अभियान के दौरान तेजस्वी यादव, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, मल्लिकार्जुन खड़गे, मुकेश सहनी और भाकपा (माले) के दीपंकर भट्टाचार्य ने पूरे जोश के साथ रैलियां कर माहौल बनाया।

बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की 14 सीटें बेहद अहम मानी जा रही हैं। इन सीटों पर होने वाले नतीजे यह तय करेंगे कि सीमांचल और मगध में किसका सामाजिक समीकरण मजबूत हुआ है। इन सीटों का परिणाम न सिर्फ भाजपा-जेडीयू और राजद-कांग्रेस गठबंधन की स्थिति तय करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि बिहार की अगली सरकार की दिशा और दशा क्या हो सकती है। यही वजह है कि सभी दल इन सीटों पर जीत के लिए पूरी ताकत झोंक चुके हैं।
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