भारत की बेटी ने अमेरिका में रचा इतिहास, ग़ज़ाला हाशमी बनीं वर्जीनिया की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल की लेफ्टिनेंट गवर्नर

वॉशिंगटन/हैदराबाद : अमेरिका के वर्जीनिया राज्य में इतिहास बन गया है। हैदराबाद में जन्मी भारतीय मूल की ग़ज़ाला हाशमी अब राज्य की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल की लेफ्टिनेंट गवर्नर बन गई हैं। यह जीत न सिर्फ अमेरिका की राजनीति के लिए ऐतिहासिक है, बल्कि भारत के लिए भी गर्व का पल है।
ग़ज़ाला हाशमी ने अपने रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी जॉन रीड को बड़े अंतर से हराकर जीत हासिल की। उनकी यह उपलब्धि अमेरिकी लोकतंत्र में विविधता और महिला नेतृत्व के बढ़ते प्रभाव की एक झलक है।

हैदराबाद से वर्जीनिया तक का सफर
ग़ज़ाला हाशमी का जन्म भारत के हैदराबाद शहर में हुआ था। उनके पिता प्रोफेसर थे। 1970 के दशक में वह अपने परिवार के साथ अमेरिका चली गईं। नई संस्कृति और भाषा के बीच उन्होंने अपने सपनों को थमने नहीं दिया। उन्होंने एमोरी यूनिवर्सिटी (Emory University) से अंग्रेज़ी साहित्य में पीएचडी की और तीन दशकों तक शिक्षा क्षेत्र में काम किया है।
शिक्षिका से राजनेता बनने की कहानी
2017 में अमेरिका में बढ़ते सामाजिक विभाजन और प्रवासियों के प्रति असहिष्णु माहौल ने ग़ज़ाला को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने फैसला किया कि अब वक्त “क्लासरूम से बाहर आकर समाज को दिशा देने” का है।
2019 में उन्होंने वर्जीनिया सीनेट का चुनाव डेमोक्रेटिक पार्टी के टिकट पर लड़ा और जीत हासिल कर वर्जीनिया की पहली मुस्लिम और दक्षिण एशियाई मूल की सीनेटर बनीं।
शिक्षा, समानता और समाज सुधार की पैरोकार
ग़ज़ाला को 2024 में सीनेट की शिक्षा और स्वास्थ्य समिति की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्होंने शिक्षकों के वेतन में वृद्धि, सार्वजनिक शिक्षा को मजबूत करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को लेकर कई सुधार लागू किए।
वह पर्यावरण संरक्षण, महिलाओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दों पर भी सक्रिय रहीं। उनका कहना है, “एक समाज तभी आगे बढ़ सकता है जब हर बच्चे को समान अवसर मिले, चाहे वह किसी भी पृष्ठभूमि से क्यों न आता हो।”
परिवार बना प्रेरणा का आधार
ग़ज़ाला की शादी आसिफ़ हाशमी से हुई है और उनकी दो बेटियाँ हैं। चुनावी अभियानों में उनका परिवार हर कदम पर उनके साथ रहा। हाशमी कहती हैं, “मुझे अपने बच्चों के लिए ऐसा समाज बनाना है, जहाँ किसी को भी अपनी पहचान छिपानी न पड़े।”
भारतीय प्रवासियों की नई मिसाल
ग़ज़ाला हाशमी के साथ ही 2024 में भारतीय मूल के एक और अमेरिकी नेता जोहरान ममदानी ने भी राजनीति में बड़ी सफलता हासिल की है। चुनाव नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर बधाइयों की बाढ़ आ गई।
भारत से लेकर अमेरिका तक, हर जगह “भारत की बेटी ग़ज़ाला हाशमी” का नाम ट्रेंड करता रहा।