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राहुल गांधी के ‘वोट चोरी’आरोप पर आया चुनाव आयोग का जवाब! वोटर लिस्ट में धांधली पर ये बोला आयोग ?

वोट चोरी

चुनाव आयोग बोला, कांग्रेस ने न तो कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज की, न अदालत में अपील की।

वोट चोरी

नई दिल्ली – कांग्रेस सांसद और विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक बार फिर “वोट चोरी” का मुद्दा उठाते हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में धांधली का आरोप लगाया है। दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राहुल गांधी ने कहा कि हरियाणा चुनाव 2024 में लाखों वोट चोरी हुए, जिससे लोकतंत्र को गहरी चोट पहुंची है। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस “साजिश” में चुनाव आयोग की लापरवाही साफ दिखाई देती है।

हालांकि, राहुल गांधी के आरोपों पर अब चुनाव आयोग ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। आयोग के सूत्रों के अनुसार कांग्रेस पार्टी की ओर से चुनाव के दौरान या उसके बाद किसी भी तरह की आधिकारिक अपील या शिकायत दायर नहीं की गई थी। यानी पार्टी ने औपचारिक रूप से धांधली के सबूत या कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।

आयोग का क्या तर्क

चुनाव आयोग का कहना हैं कि चुनाव प्रणाली बेहद पारदर्शी और जवाबदेह है। अगर किसी उम्मीदवार या राजनीतिक दल को परिणामों या प्रक्रिया को लेकर आपत्ति होती है, तो वह अदालत में याचिका दायर कर सकता है। हरियाणा के संदर्भ में आयोग ने बताया कि राज्य की 90 विधानसभा सीटों में से सिर्फ 22 मामलों पर ही अपीलें इस समय उच्च न्यायालय में लंबित हैं। इनमें से भी कोई अपील कांग्रेस पार्टी की ओर से नहीं है।

पोलिंग एजेंटों की भूमिका पर सवाल

आयोग ने कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए पार्टी के पोलिंग एजेंटों की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। चुनाव आयोग का कहना है कि हर मतदान केंद्र पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि यानी पोलिंग एजेंट (Polling Agent) मौजूद रहते हैं। उनका काम होता है यह देखना कि कोई व्यक्ति दो बार वोट न डाले, या फर्जी पहचान से वोट न पड़े।

आयोग के सूत्रों ने कहा, “अगर किसी मतदाता के नाम पर संदेह था या एजेंट को कोई गड़बड़ी नजर आई, तो उस वक्त आपत्ति दर्ज करानी चाहिए थी। बाद में जाकर यह कहना कि लाखों वोट चोरी हो गए, यह तथ्यात्मक तौर पर गलत और प्रक्रिया के खिलाफ है।”

फर्जी मतदाताओं पर भी आयोग का जवाब

राहुल गांधी ने अपने बयान में यह भी कहा था कि हरियाणा में बड़ी संख्या में फर्जी मतदाता सूची में जोड़े गए, जिससे भाजपा को फायदा हुआ। इस पर चुनाव आयोग ने सख्त प्रतिक्रिया दी। आयोग ने कहा कि वोटर लिस्ट का संशोधन एक पारदर्शी प्रक्रिया के तहत होता है, जिसमें सभी दलों के बी.एल.ए. (Booth Level Agent) शामिल होते हैं।

आयोग ने सवाल उठाया कि, “अगर कांग्रेस को किसी फर्जी नाम पर संदेह था, तो उसके बी.एल.ए. ने संशोधन के दौरान कोई दावा या आपत्ति क्यों नहीं दर्ज कराई? और अगर ये फर्जी मतदाता थे भी, तो यह कैसे साबित किया जा सकता है कि उन्होंने भाजपा को ही वोट दिया?” आयोग का यह बयान राहुल गांधी के आरोपों के ठीक बाद सामने आया है, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

क्या थे राहुल गांधी के आरोप

राहुल गांधी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि “हरियाणा विधानसभा चुनाव में 25 लाख वोटों की चोरी हुई। उन्होंने एक प्रेजेंटेशन के ज़रिए दावा किया कि कई बूथों पर वोटिंग प्रतिशत असामान्य रूप से ज्यादा रहा और हजारों ऐसे नाम सूची में मौजूद थे जो एक से ज्यादा बार दर्ज थे।

राहुल ने कहा, “यह सिर्फ हरियाणा की बात नहीं है, यह पूरे देश का मुद्दा है। अगर चुनाव प्रक्रिया में भरोसा खत्म हुआ तो लोकतंत्र खत्म हो जाएगा। हमने हर चरण में आयोग को चेताया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।”उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी आगे इस मुद्दे को संसद में उठाएगी और पूरे चुनावी सिस्टम की जांच के लिए एक संयुक्त संसदीय समिति (JPC) की मांग करेगी।

राहुल गांधी के “वोट चोरी” वाले आरोपों ने निश्चित रूप से राजनीति में नई हलचल मचा दी है, चुनाव आयोग कहना हैं कि, कांग्रेस ने न तो कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज की, न अदालत में अपील की है । फिर भी, यह मामला लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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