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क्या है RSS का ‘पंच परिवर्तन’ फार्मूला ? संघ की बैठक में आबादी, गो हत्या समेत 5 मुद्दों पर हुआ महामंथन !

पंच परिवर्तन

क्या है RSS का ‘पंच परिवर्तन’ फार्मूला ? संघ की बैठक में आबादी, गो हत्या समेत 5 मुद्दों पर हुआ महामंथन !

पंच परिवर्तन

नई दिल्ली। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक देश के अलग अलग हिस्सों में चल रही है । बैठकों के दौर में जबलपुर में दूसरे दिन एक अहम फैसला लिया गया। बैठक में तय हुआ कि संघ देशभर में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान में सक्रिय सहयोग करेगा। सरसंघचालक मोहन भागवत ने स्वयंसेवकों से आह्वान किया कि वे राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें, ताकि घुसपैठियों की पहचान को लेकर चल रही प्रक्रिया को मजबूती मिल सके।

संघ सूत्रों के मुताबिक, संगठन रोहिंग्या और बांग्लादेशी घुसपैठ को लेकर चिंतित है और इस दिशा में जन-जागरूकता व सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया।

 

तीन सत्रों में हुई चर्चा

शुक्रवार को हुई बैठक तीन सत्रों में संपन्न हुई। इसमें पंच परिवर्तन, जनसंख्या असंतुलन, गो हत्या जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

बैठक में सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले मौजूद रहे। प्रस्तावों पर विचार करते हुए संघ ने कहा कि “पंच परिवर्तन” का विषय व्यापक है और इसके जरिए मजबूत राष्ट्र और समाज का निर्माण संभव है।

 

स्वदेशी पर जोर

बैठक में यह भी निर्णय हुआ कि स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। संघ का मानना है कि जब लोग देशी उत्पादों को गर्व से अपनाएंगे, तो देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और स्वावलंबन का भाव भी बढ़ेगा।

सरकार्यवाह होसबाले ने इस दौरान श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर वक्तव्य जारी किए, जिसमें राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया गया।

 

क्या है पंच परिवर्तन

1.सामाजिक समरसता

मंदिर, श्मशान और जलस्त्रोत जैसे सार्वजनिक स्थान सभी के लिए समान हों। जाति-भेद मिटाकर समाज को एक परिवार की तरह जोड़ना ही इसका लक्ष्य है।

2️ कुटुंब प्रबोधन

संघ परिवारों में मूल्य आधारित जीवन और संवाद की परंपरा को बनाए रखने पर बल देता है, ताकि आने वाली पीढ़ी को अच्छे संस्कार मिल सकें।

3️ पर्यावरण संरक्षण

पौधारोपण, जल संरक्षण और प्लास्टिक के कम उपयोग जैसी पहलों को बढ़ावा देना। हर व्यक्ति में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना इसका उद्देश्य है।

4️ स्व-भाव जागरण

भारतीय संस्कृति और परंपरा पर गर्व करना, स्वदेशी उत्पादों का उपयोग बढ़ाना और आत्मनिर्भर बनना इस आयाम का केंद्र है।

5️ नागरिक कर्तव्य

हर नागरिक को कर भुगतान, सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा और स्वच्छता जैसे कर्तव्यों को निभाने पर जोर दिया गया है। संघ का मानना है कि देश तब आगे बढ़ता है जब नागरिक अपने दायित्व समझकर कार्य करें।

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