व्हाइट हाउस गोलीबारी के बाद ट्रंप सख्त- ‘थर्ड वर्ल्ड देशों’ से माइग्रेशन पर स्थायी रोक की तैयारी

अमेरिका में व्हाइट हाउस के पास हुई गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान दिया है, जिसके मुताबिक अमेरिका जल्द ही “थर्ड वर्ल्ड देशों” से आने वाली माइग्रेशन प्रक्रिया को स्थायी रूप से रोक सकता है। इस फैसले ने दुनिया के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है, खासकर उन देशों की जिनके लाखों नागरिक अमेरिका में रहने, पढ़ने या नौकरी करने के उद्देश्य से जाते हैं।
क्या है गोलीबारी की घटना?
बीते बुधवार को व्हाइट हाउस के पास नेशनल गार्ड के जवानों पर गोलीबारी हुई थी। इस हमले में अमेरिकी आर्मी की सदस्य सारा बेकस्ट्रॉम की मौत हो गई, जबकि वायुसेना के स्टाफ सार्जेंट एंड्रयू वोल्फ गंभीर रूप से घायल हैं। जांच में पता चला कि हमलावर रहमानुल्लाह लकनवाल नाम का एक अफगान नागरिक था, जो 2021 में बाइडेन प्रशासन की अफगान पुनर्वास योजना ‘ऑपरेशन एलाइज वेलकम’ के तहत अमेरिका लाया गया था।
ट्रंप ने क्या कहा?
हमले के कुछ घंटों बाद ही ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट किया, जिसमें उन्होंने सख्त शब्दों में कहा, “हम सभी थर्ड वर्ल्ड देशों से आने वाले लोगों का माइग्रेशन स्थायी रूप से रोक देंगे। अब समय है कि अमेरिका खुद को रिकवर करे और जो लोग गैर-कानूनी तरीके से घुसे हैं, उन्हें देश से बाहर निकाला जाए।” उन्होंने आगे लिखा कि आने वाले समय में गैर-नागरिकों को दिए जाने वाले संघीय लाभ बंद किए जाएंगे। जो प्रवासी अमेरिका की संस्कृति और सुरक्षा के लिए खतरा हैं, उनकी नागरिकता रद्द की जाएगी। और जिन्हें “राष्ट्र पर बोझ” माना जाएगा, उन्हें निर्वासित (Deport) किया जाएगा।
कौन से देशों पर प्रभाव पड़ेगा?
हालांकि, ट्रंप ने आधिकारिक सूची जारी नहीं की है, लेकिन अमेरिका पहले ही 19 देशों पर ट्रैवल कंट्रोल लगा चुका है। इन देशों में शामिल हैं:
अफगानिस्तान, बांग्लादेश, सोमालिया, म्यांमार, ईरान, चाड, लिबिया, यमन, हैती, क्यूबा, सूडान, सिएरा लियोन, वेनेजुएला, तुर्कमेनिस्तान, टोगो, लाओस, बुरुंडी, कांगो और इक्वेटोरियल गिनी। इन देशों से आने वाले नए वीज़ा, ग्रीन कार्ड और नागरिकता आवेदनों की कड़ी जांच शुरू हो चुकी है।
क्या भारत पर असर पड़ेगा?
ट्रंप के बयान के बाद यह बड़ा सवाल है कि क्या भारत पर भी पड़ेगा –
शीत युद्ध के दौरान भारत को थर्ड वर्ल्ड देश माना जाता था। लेकिन आज भारत संयुक्त राष्ट्र की Least Developed Countries (LDC) सूची में नहीं है। भारत एक Developing Economy है, और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। यानी मौजूदा स्थिति में भारत पर रोक की संभावना कम है, लेकिन यह भी सच है कि ट्रंप प्रशासन ने भारत को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है। इसलिए आने वाले दिनों में नीतियों में बदलाव संभव है।