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ब्राजील के रियो में ड्रग माफिया पर हेलिकॉप्टर से रेड, जवाब में ड्रोन से बमबारी! क्या है ‘रेड कमांड’ की कहानी ?

ब्राजील के रियो में ड्रग माफिया पर हेलिकॉप्टर से रेड, जवाब में ड्रोन से बमबारी! क्या है ‘रेड कमांड’ की कहानी ?

 

रियो डी जेनेरियो (ब्राजील): ब्राजील की पुलिस ने ड्रग माफिया के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई की है। रियो डी जेनेरियो शहर में पुलिस और ड्रग माफिया के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में 64 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में चार पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। यह ब्राजील के इतिहास की सबसे बड़ी पुलिस कार्रवाई मानी जा रही है।

 

हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों से की ‘रेड कमांड’ पर कार्रवाई

मंगलवार सुबह करीब ढाई हजार पुलिसकर्मियों ने हेलिकॉप्टर और बख्तरबंद वाहनों की मदद से कुख्यात ड्रग गैंग ‘रेड कमांड’ के ठिकानों पर छापेमारी की। पुलिस की कार्रवाई शुरू होते ही अपराधियों ने जवाबी फायरिंग शुरू कर दी। गैंग के सदस्यों ने सड़कों पर आग लगाकर बैरिकेड्स बनाए और ड्रोन के ज़रिए पुलिस पर लगातार बम गिराए।

पुलिस ने भारी हथियारों से जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से घंटों चली गोलीबारी के बाद इलाके में 64 लोगों की मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि इस ऑपरेशन की तैयारी पिछले एक साल से चल रही थी।

 

80 से ज्यादा गिरफ्तार, इलाके में दहशत का माहौल

पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में अब तक 80 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। पूरे दिन चली गोलीबारी से शहर के उत्तरी हिस्सों में दहशत फैल गई। करीब तीन लाख लोग प्रभावित हुए और कई आम नागरिकों के घायल होने की खबर है। स्थानीय निवासियों ने बताया कि “पूरा इलाका किसी युद्ध क्षेत्र जैसा लग रहा था।” कई सड़कों पर अब भी आवाजाही बंद है, जबकि कई इलाकों में गोलियों और धमाकों की आवाजें देर रात तक सुनाई देती रहीं।

 

ड्रग माफिया ‘रेड कमांड’ का गढ़ है रियो

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, यह इलाका ड्रग गैंग ‘रेड कमांड’ का मुख्य ठिकाना है। पुलिस ने ऑपरेशन के दौरान 200 किलो से ज्यादा ड्रग्स, कई राइफलें और हथियार बरामद किए हैं।

‘रेड कमांड’ की स्थापना 1970 के दशक में जेल के भीतर हुई थी, जब राजनीतिक बंदियों और अपराधियों ने मिलकर पुलिस अत्याचार के खिलाफ एक समूह बनाया था। समय के साथ यह संगठन एक शक्तिशाली आपराधिक नेटवर्क में बदल गया, जो अब ड्रग तस्करी, हथियारों की सप्लाई और समुद्री रूट्स पर कब्जे जैसे अपराधों में शामिल है।

इस गैंग का नेटवर्क रियो डी जेनेरियो से लेकर पड़ोसी देशों तक फैला हुआ है। इसका कोई एकमात्र सरगना नहीं है — हर इलाके में एक “कमांडेंट” स्थानीय संचालन संभालता है।

 

पुलिस का लक्ष्य — गैंग का नेटवर्क तोड़ना

रियो पुलिस के मुताबिक, रेड कमांड हाल के महीनों में अपने प्रतिद्वंद्वी गैंग ‘थर्ड प्योर कमांड’ (TCP) के इलाकों में घुसपैठ की कोशिश कर रहा था। इसी संघर्ष को रोकने के लिए यह ऑपरेशन शुरू किया गया।

पुलिस ने रियो के दो सबसे संवेदनशील इलाकों — कॉम्प्लेक्सो दो अलेमाओ और कॉम्प्लेक्सो दा पेन्हा — में बड़े पैमाने पर छापेमारी की।

 

अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों से पहले सुरक्षा अलर्ट

यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब रियो डी जेनेरियो में अगले कुछ हफ्तों में संयुक्त राष्ट्र के जलवायु कार्यक्रमों से जुड़े कई बड़े आयोजन होने वाले हैं। इनमें C40 मेयर समिट और प्रिंस विलियम का अर्थशॉट प्राइज समारोह शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय मेहमानों के आगमन से पहले शहर को अपराध मुक्त बनाने के लिए यह कार्रवाई ज़रूरी थी।

ब्राजील के रियो

हिंसा और भय के साये में आम लोग

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, गोलीबारी के दौरान कई स्कूल और अस्पतालों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। शहर के उत्तरी हिस्सों में सार्वजनिक परिवहन भी बाधित हुआ। निवासियों का कहना है कि रियो के गरीब इलाकों में ड्रग गैंग का प्रभाव इतना गहरा है कि वहां पुलिस की मौजूदगी भी तनाव का कारण बन जाती है।

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Shashwat Srijan

Content Writer

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