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FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स पर लगाया बैन! “शुगर ड्रिंक बेचने वाली कंपनियां अब नहीं कह पाएंगी ‘ORS’, जानें क्यों बंद हुआ यह खतरनाक खेल!” 

FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स पर लगाया बैन!

FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स पर लगाया बैन! “शुगर ड्रिंक बेचने वाली कंपनियां अब नहीं कह पाएंगी ‘ORS’, जानें क्यों बंद हुआ यह खतरनाक खेल!”

FSSAI ने एनर्जी ड्रिंक्स पर लगाया बैन!

नई दिल्ली: अब कोई भी कंपनी अपने शुगर ड्रिंक या एनर्जी ड्रिंक को ‘ORS’ (ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन) के नाम से नहीं बेच सकेगी। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने साफ निर्देश दिया है कि कोई भी खाद्य या पेय कंपनी अपने उत्पाद के नाम, लेबल या ट्रेडमार्क में “ORS” शब्द का इस्तेमाल नहीं करेगी। यह कदम हैदराबाद की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शिवरंजनी संतोष के लंबे संघर्ष के बाद उठाया गया है।

 

कैसे शुरू हुआ “ORS” पर यह संघर्ष?

साल 2022 में, डॉ. शिवरंजनी ने देखा कि कई कंपनियां मीठे पेय पदार्थों (शुगर ड्रिंक्स) को “ORS” के नाम से बेच रही हैं। उन्होंने इस पर आपत्ति जताई और तेलंगाना हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की।

उनका तर्क था कि इन ड्रिंक्स में 120 ग्राम तक चीनी प्रति लीटर पाई जाती है, जबकि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार असली ओआरएस में सिर्फ 13.5 ग्राम प्रति लीटर चीनी होनी चाहिए।

साथ ही, इन नकली पेयों में इलेक्ट्रोलाइट्स (जैसे सोडियम और पोटैशियम) की मात्रा भी बहुत कम होती थी, जो शरीर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है।

इस याचिका के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय और एफएसएसएआई ने जांच शुरू की, और अप्रैल 2022 में ‘ORS’ शब्द के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने का आदेश जारी किया।

हालांकि, कुछ कंपनियों ने इस फैसले को अदालत में चुनौती दी थी, जिसके बाद अस्थायी रूप से उन्हें ट्रेडमार्क से जुड़े मामलों के निपटारे तक “ORS” शब्द का इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई थी। अब एफएसएसएआई ने इस पर पूरी तरह रोक लगा दी है।

 

कौन हैं डॉ. शिवरंजनी संतोष?

 

डॉ. शिवरंजनी संतोष हैदराबाद की जानी-मानी बाल रोग विशेषज्ञ (पेडियाट्रिशन) हैं। उनके पास करीब 18 साल का अनुभव है। वह बच्चों के स्वास्थ्य, टीकाकरण, स्तनपान, और प्राथमिक चिकित्सा पर काम करती हैं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए भी लोगों को बाल स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करती हैं।

 

कब और क्यों पीना चाहिए असली ORS?

ओआरएस (Oral Rehydration Solution) शरीर में पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए बनाया गया है। यह आमतौर पर डिहाइड्रेशन (पानी की कमी), दस्त, या बुखार के दौरान दिया जाता है। हल्के डिहाइड्रेशन में सिर्फ पानी या जूस से राहत मिल सकती है, लेकिन मध्यम या गंभीर डिहाइड्रेशन में डॉक्टर ओआरएस पीने की सलाह देते हैं।

 

कैसे काम करता है ORS?

ओआरएस में नमक (सोडियम) और चीनी (ग्लूकोज) का संतुलित मिश्रण होता है।

जब कोई व्यक्ति इसे पीता है, तो यह मिश्रण छोटी आंत में पानी के अवशोषण को तेज कर देता है।

इससे शरीर में तरल पदार्थ और खनिजों की कमी जल्दी पूरी हो जाती है और डिहाइड्रेशन से राहत मिलती है।

 

क्यों ज़रूरी था यह फैसला?

डॉ. शिवरंजनी का कहना है कि “ORS” शब्द का गलत इस्तेमाल न केवल लोगों को गुमराह कर रहा था, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक था।

अब एफएसएसएआई के इस कदम से बाजार में नकली या भ्रामक पेय उत्पादों पर रोक लगेगी और लोग असली ओआरएस की पहचान बेहतर तरीके से कर सकेंगे।

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