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स्कूल बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं?दुनिया में सभी जगहों के स्कूलों की बस के पीले रंग का क्या है कारण ?

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स्कूल बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं?दुनिया में सभी जगहों के स्कूलों की बस के पीले रंग का क्या है कारण ?

स्कूल बस पीले रंग की ही क्यों होती हैं

आपने आज तक कई स्कूल की बसों को देखा होगा। उस दौरान शायद आपने गौर किया हो कि सभी स्कूलों की बसें पीले रंग से ही रंगी होती हैं. लेकिन क्या आप इसके पीछे की वजह जानते हैं।

 

स्कूल बसों को पीले रंग से रंगा जाता है?

 

सभी स्कूल के बसों को पीले रंग से रंगा जाता है क्योंकि इससे दृश्यता अच्छी होती है, खासकर खराब मौसम में, जिससे वाहन चालक इसे आसानी से देख पाते हैं। लाल रंग के विपरीत, पीला रंग मौजूदा ट्रैफ़िक सिग्नलों के साथ टकराव नहीं करता, जिससे वाहन चालक बच्चों की उपस्थिति को पहचान लेते हैं। पीले रंग को इंसानी आंखों से आसानी से देखा जाता है,

पीले रंग पर काले अक्षर पठनीयता को बढ़ाते हैं, और 1930 के दशक में लिया गया यह निर्णय आज भी बाल सुरक्षा को प्राथमिकता देता है

 

इंसानी आंखों से सबसे जल्दी नजर आता है यह पीला रंग

 

सड़कों पर तमाम रंगों की गाड़ियां दौड़ती है ऐसे में स्कूल बस किसी भी रंग की होती तो वह सभी गाड़ियों की भीड़ मे शामिल हो जाती।

यही वजह है कि बसों के रंगों को पीला रखा जाता है क्योंकि पीला रंग का बस तुरंत दिखाई पड़ जाता है और लोगों का ध्यान खींच लेता है क्योंकि इसमें बच्चे सफर करते हैं इस वजह से साइंटिस्ट द्वारा शोध करके इसका रंग पीला रखा गया है।

 

इंसानी आंखें अलग-अलग रंगों को अलग-अलग तरीके से पहचानती हैं। साइंटिस्ट का कहना है कि लाल और पीले रंग सबसे जल्दी आंखों को दिखाई देते हैं. खासकर पीला रंग धुंध, बारिश या सुबह-शाम की हल्की रोशनी में भी साफ नजर आता है. यही वजह है कि स्कूल बसों को पीला रंग दिया जाता है।

ताकि ड्राइवर और राहगीर उन्हें दूर से ही देख लें और सावधानी बरतें.

 

हर मौसम में कारगर है पीला रंग

 

पीला रंग हर मौसम में कारगर है। जब वाहन हाईवे पर चलता है तो धूप भी होती है, बारिश भी और कोहरा भी। ऐसी स्थिति में यह रंग हर मौसम में दिखता है। सड़क हादसों पर लगाम लगाई जा सके। इसलिए लगभग पूरी दुनिया में लगभग सभी बसों का रंग पीला ही होता है।

 

“धीरे चलो, यहां बच्चे हैं” का संदेश

 

हालांकि कुछ निजी ट्रांसपोर्ट या टूरिस्ट बसें भी पीले रंग की होती हैं, लेकिन उनकी पहचान स्कूल बसों जैसी स्पष्ट नहीं होती। स्कूल बसों का डिजाइन, साइज और रंग सभी मिलकर एक यूनिक पहचान बनाते हैं, जिसे देखकर लोग तुरंत समझ जाते हैं कि इसमें बच्चे यात्रा कर रहे हैं।

स्कूल बसों का पीला रंग सिर्फ दिखावे या परंपरा का हिस्सा नहीं है। इसके पीछे वैज्ञानिक सोच, दृश्यता की तकनीक, और बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने का भाव छिपा है। यह रंग सड़क पर एक सावधानी का सिग्नल है जो कहता है — “धीरे चलो, यहां बच्चे हैं।”

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