Search

Pilates exercise को रोज़ाना 20 मिनट करने से, कमजोर हड्डियों की समस्या खत्म! जानिए करने का सही तरीका!

Pilates exercise

बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, पिलाटे मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, शरीर का संतुलन सुधारता है और हड्डियों को स्वस्थ रखता है। जानिए कौन-कौन सी पिलाटे एक्सरसाइज खासतौर पर 60 साल के बाद बुजुर्गों के लिए लाभकारी हैं।

Pilates exercise

स्वस्थ रहने के लिए लोग आजकल तरह-तरह के व्यायाम और एक्सरसाइज करते हैं। इनमें पिलाटे (Pilates exercise) हर उम्र के लिए बहुत फायदेमंद माना जाता है। पिलाटे सिर्फ मसल्स को मजबूत नहीं बनाता, बल्कि शरीर के बैलेंस और फिटनेस में भी सुधार करता है। बच्चों और युवाओं के साथ-साथ बुजुर्गों के लिए भी यह बेहद लाभकारी साबित होता है।

पिलाटे एक्सरसाइज़ की खासियत

पिलाटे की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह शरीर को संतुलित बनाने और मांसपेशियों को मजबूत करने में मदद करता है। शरीर की शेप में सुधार लाने के साथ-साथ यह हड्डियों की मजबूती भी बनाए रखता है। अक्सर लोग सोचते हैं कि ज्यादा उम्र में एक्सरसाइज करना मुश्किल होता है, लेकिन पिलाटे ऐसे व्यायामों में से एक है जिसे बुजुर्ग भी आसानी से कर सकते हैं।

बढ़ती उम्र के साथ शरीर में कई बदलाव आने लगते हैं। संतुलन (balance) की कमी, मांसपेशियों की कमजोरी और हड्डियों का कमज़ोर होना सामान्य बात हो गई हैं। कमजोर हड्डियों की वजह से मुड़ना, बैठना, उठाना या सामान्य गतिविधियां भी मुश्किल हो गई हैं। ऐसे में पिलाटे की मदद से हड्डियों की फ्लेक्सिबिलिटी बनी रहती है, और बोन डेंसिटी मजबूत होती है।

Pilates exercise

ये विशेष रूप से 60 साल के बाद बुजुर्गों को कुछ खास पिलाटे एक्सरसाइज पर ध्यान देना चाहिए। जैसे कि –

  • लेग रेज पिलाटे ( Pilates Exercise )
  • सिंगल लेग स्ट्रेच ( Single Leg )
  • मरमेड (Mermaid)
  • साइड सर्किल (Side Circle)

ये एक्सरसाइज़ बहुत लाभकारी मानी जाती हैं। सेहत के लिए फायदेमंद होता हैं।

Pilates exercise

आइए जानते हैं किन – किन तरीकों से अपने डेली रूटीन में एक्सरसाइज़ को शामिल कर सकते हैं।

  • लेग रेज पिलाटे – इस एक्सरसाइज में घुटनों के बल शरीर को उठाया और नीचे किया जाता है। इससे लोअर बॉडी मजबूत होती है और संतुलन बेहतर होता है।
  • सिंगल लेग स्ट्रेच – यह मांसपेशियों को मजबूत करने और शरीर की लचीलापन बढ़ाने में मदद करती है।
  • मरमेड और साइड सर्किल – यह एक्सरसाइज शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाने, पीठ और कमर को मजबुत करने और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में मदद करती हैं।

मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद

पिलाटे सिर्फ शरीर को फिट बनाने तक सीमित नहीं है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है। नियमित पिलाटे करने से तनाव कम होता है, नींद बेहतर आती है और मूड अच्छा रहता है। बच्चों और युवाओं में यह शरीर की लचीलापन बढ़ाता है और मसल्स को मजबूत बनाता है। वहीं बुजुर्गों में गिरने और चोट लगने की संभावना कम होती है।

हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए पिलाटे की एक्सरसाइज विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, हड्डियों की डेंसिटी कमजोर होने लगती है। कमजोर हड्डियों के कारण छोटी-छोटी चोटें भी गंभीर हो सकती हैं। पिलाटे की नियमित प्रैक्टिस से हड्डियों की मजबूती बनी रहती है और शरीर का संतुलन बेहतर होता है।

इसमें कोई शक नहीं कि पिलाटे हर उम्र के लिए जरूरी है। बच्चों में यह मसल्स डेवलपमेंट और शरीर की सही शेप के लिए जरूरी है। युवाओं में यह फिटनेस और ताकत बनाए रखने में मदद करता है। और बुजुर्गों में यह गिरने की संभावना कम करने, हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर के संतुलन को बनाए रखने में बेहद फायदेमंद है। पिलाटे करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है:

  • धीरे-धीरे शुरू करें – खासकर बुजुर्गों के लिए। शरीर को समय दें।
  • सही तकनीक अपनाएं – किसी प्रशिक्षक की मदद लेना फायदेमंद होता है।
  • नियमितता जरूरी है – हफ्ते में 3-4 बार 20-30 मिनट का अभ्यास शरीर के लिए बेहतर रहता है।
  • स्ट्रेचिंग और वार्म-अप – एक्सरसाइज से पहले हल्की स्ट्रेचिंग करना महत्वपूर्ण है।

स्वस्थ रहने के लिए पिलाटे के फायदे कई हैं, जिनमें मुख्य हैं –

  1. मांसपेशियों को मजबूती देना ।
  2. शरीर का संतुलन सुधारना।
  3. हड्डियों की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ाना।
  4. बोन डेंसिटी बनाए रखना।
  5. गिरने और चोट लगने की संभावना कम करना।

 

मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाना

अगर आप चाहते हैं कि सुरक्षित और स्वस्थ रहें, तो उन्हें पिलाटे जैसी आसान और लाभकारी एक्सरसाइज की आदत डालनी चाहिए। बच्चों और युवाओं के लिए भी यह व्यायाम लंबे समय तक फिट और सक्रिय रहने में मदद करता है।

क्या आप भी अपने मानसिक स्वास्थ्य को नजर अंदाज कर रहे है ? WHO ने जारी किए चौंकाने वाले आँकड़े !

सिर्फ़ एक यात्रा से बदल सकती है ज़िंदगी! योग, डिटॉक्स और पंचकर्म: क्या है वेलनेस टूरिज्म ?

क्या है ये “No Kings” प्रोटेस्ट ? जिसमें अमेरिका से लेकर लंदन तक सड़कों पर उतरे लाखों लोग

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

Leave a Comment

Your email address will not be published.