ISI और ISIS से जुड़े दो आतंकी गिरफ्तार, छठ पर्व से पहले बड़ी सुरक्षा कामयाबी

नई दिल्ली: देश में संभावित आत्मघाती हमलों और IED ब्लास्ट की खुफिया जानकारी मिलने के बाद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में दो आतंकियों को गिरफ्तार किया गया है एक को दिल्ली से और दूसरे को भोपाल से। दोनों के पास से विस्फोटक सामग्री और संदिग्ध वस्तुएँ बरामद हुई हैं। यह मॉड्यूल पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से प्रेरित था। छठ पर्व से पहले यह कार्रवाई सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
दोनों आरोपियों की पहचान
दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, दोनों आतंकियों का नाम अदनान है और उनकी उम्र 20 से 25 वर्ष के बीच है। दिल्ली का अदनान सादिक नगर इलाके से पकड़ा गया, जबकि दूसरा भोपाल के करोंद इलाके का रहने वाला है। पूछताछ में पता चला कि भोपाल का अदनान CA की तैयारी कर रहा था। उसके माता-पिता शिक्षित और सरकारी सेवा से जुड़े हैं, फिर भी उसने कट्टरपंथी रास्ता अपनाया और आत्मघाती हमले की योजना बनाई।
फिदायीन हमले और IED ट्रेनिंग
दिल्ली पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दोनों आरोपी ISI और ISIS नेटवर्क से जुड़े थे और इन्हें फिदायीन हमलों व IED ब्लास्ट की ट्रेनिंग दी जा रही थी। पहले दिल्ली से एक संदिग्ध पकड़ा गया, फिर उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों से भोपाल वाले साथी का पता चला। दोनों भीड़भाड़ वाले इलाकों में हमला करने की तैयारी में थे और राजधानी के कई प्रमुख स्थान उनके निशाने पर थे।
पहले भी उजागर हुआ था आतंकी नेटवर्क
यह कार्रवाई पिछले कुछ महीनों में हुए आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ की श्रृंखला का हिस्सा है। सितंबर में भी स्पेशल सेल ने एक बड़े नेटवर्क को पकड़ा था, जिसमें पाँच युवाओं को दिल्ली, झारखंड, तेलंगाना और मध्य प्रदेश से गिरफ्तार किया गया था। इनकी उम्र 20 से 26 वर्ष के बीच थी।
‘प्रोजेक्ट मुस्तफा’ ग्रुप का खुलासा
उस नेटवर्क का सरगना झारखंड के बोकारो का रहने वाला अशर दानिश (23) था, जो खुद को “गज़वा लीडर” और “सीईओ” कहता था। मुंबई का आफताब कुरैशी (25) लक्ष्य तय करता था, तेलंगाना का मोहम्मद हुजैफ यमन (20) हथियार बनाता था और मध्य प्रदेश का कामरान कुरैशी (26) अन्य गतिविधियों में शामिल था। इस ग्रुप ने खुद को ‘प्रोजेक्ट मुस्तफा’ नाम दिया था।
सोशल मीडिया से कट्टरपंथ फैलाने की कोशिश
जांच में पता चला कि आरोपी एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए युवाओं को बरगलाते थे। वे NGO के नाम पर संगठन चलाकर धर्म के नाम पर कट्टरपंथ फैलाते थे। उनका उद्देश्य जमीन खरीदकर ठिकाने बनाना और हथियारों के लिए फंड जुटाना था। गृह मंत्रालय और सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की है। बरामद सामग्री में विस्फोटक, डिजिटल डिवाइस और दस्तावेज़ शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आतंकियों के नेटवर्क और संपर्कों की जांच जारी है। डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से अन्य साथियों और हैंडलर्स की पहचान की जा रही है।
लॉरेंस बिश्नोई गैंग कनाडा में आतंकी संगठन घोषित, क्या है खालिस्तानी कनेक्शन ?
OPRATION SINDOOR के बाद खौफ में आतंकी , जैश–ए–मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन ने बदला ठिकाना