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सिर्फ़ एक ‘पटाखे’ ने कैसे स्वाहा कर दी 19 परिवारों की जिंदगी भर की कमाई? दिवाली की खुशियाँ मातम में बदलीं 

सिर्फ़ एक ‘पटाखे’ ने कैसे स्वाहा कर दी 19 परिवारों की जिंदगी भर की कमाई? दिवाली की खुशियाँ मातम में बदलीं

ग़ाज़ियाबाद : दिवाली की खुशियों के बीच ग़ाज़ियाबाद के इंदिरापुरम इलाके में एक भयावह हादसे ने सबको दहला दिया है। शक्ति खंड-2 स्थित प्लॉट नंबर 188 की पांच मंजिला इमारत में लगी आग ने 19 परिवारों के सपनों को राख में बदल दिया। यह आग किसी बिजली की खराबी से नहीं, बल्कि पड़ोसी जितेंद्र शर्मा की आतिशबाज़ी की लापरवाही से लगी बताई जा रही है।

 

कैसे हुआ हादसा?

दिवाली की शाम जब पूरा मोहल्ला दीयों और पटाखों की रोशनी में डूबा था, तभी जितेंद्र शर्मा और उसका साथी राजीव नीचे पटाखे फोड़ रहे थे। कई बार मना करने के बावजूद दोनों नहीं माने। इमारत के निवासी दीपक त्यागी ने बताया,

“एक पटाखा मेरे इन्वर्टर से आकर टकराया और वहीं से आग लग गई। कुछ ही मिनटों में पूरी इमारत धुएं और लपटों से भर गई।”

दीपक के अनुसार, RWA अध्यक्ष अशोक त्यागी ने भी जितेंद्र और राजीव को रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे उलझ पड़े। उसी दौरान पटाखे की एक चिंगारी ने पूरे भवन को आगोश में ले लिया।

 

 

19 परिवारों का सबकुछ जलकर राख

आग इतनी भीषण थी कि धीरज मलिक, यश मित्तल, संदीप कुमार, नीरज कुमार, वरुण, देवेंद्र गोयल, वीके शर्मा, केशव शर्मा, सोमेश्वर पांडे, संजय कुमार और राजीव किंद्रा जैसे कई परिवारों का घर और कीमती सामान सब जल गया। किसी की जान तो नहीं गई, लेकिन 19 परिवारों की पूरी जिंदगी की कमाई कुछ ही मिनटों में राख में बदल गई।

 

फायर ब्रिगेड की मशक्कत

आग लगते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

सामने स्थित रॉयल पार्क होटल के मालिक शेखर और उनके स्टाफ ने भी होटल के फायर सिस्टम से आग बुझाने में मदद की, जिससे आग के फैलाव को कुछ हद तक रोका जा सका।

19 परिवारों की जिंदगी

कौन है जितेंद्र शर्मा

आग के पीछे मुख्य आरोपी जितेंद्र शर्मा को माना जा रहा है, जो पास के प्लॉट नंबर 197 में रहता है और एक यूके बेस्ड आईटी कंपनी के सेल्स विभाग में कार्यरत है। पड़ोसी बताते हैं कि जितेंद्र का स्वभाव चिड़चिड़ा है और वह अक्सर मोहल्ले में लोगों से विवाद करता रहता है। हादसे के बाद वह और उसका साथी राजीव फरार हैं। पीड़ितों का आरोप है कि जितेंद्र का भाई विकास शर्मा, जो उस समय मौके पर मौजूद था, वह भी इस घटना के लिए जिम्मेदार है।

 

 

जांच और कार्रवाई

फायर विभाग की शुरुआती जांच में स्पष्ट हुआ कि आग की वजह आतिशबाज़ी थी। पुलिस ने जितेंद्र शर्मा और राजीव के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

पीड़ित परिवारों का आरोप है कि पुलिस ढिलाई बरत रही है और अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है

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Shashwat Srijan

Content Writer

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