भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द! ‘पुनर्विचार की मांग’ – क्या अब चुनाव लड़ सकेंगी?

सारण जिले की मढ़ौरा विधानसभा सीट से लोजपा (रामविलास) उम्मीदवार और भोजपुरी अभिनेत्री सीमा सिंह का नामांकन रद्द कर दिया गया है। चुनाव अधिकारियों के अनुसार नामांकन पत्र में तकनीकी गलती के कारण यह कार्रवाई की गई। सीमा सिंह के नामांकन रद्द होने से एनडीए को बड़ा झटका लगा है और इस सीट पर राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए हैं।
चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, नामांकन पत्र में चुनाव चिन्ह फॉर्म भरते समय गंभीर त्रुटि हुई थी। उम्मीदवार के नाम की जगह प्रस्तावक या पार्टी का नाम दर्ज किया गया था। चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार इस तरह की गलती नामांकन को अमान्य बना देती है।
चिराग पासवान की पार्टी लोजपा-रामविलास ने पुनर्विचार की मांग की है, लेकिन तकनीकी गलती के कारण राहत की संभावना कम मानी जा रही है। अब मढ़ौरा सीट पर मुख्य मुकाबला आरजेडी के मौजूदा विधायक जितेंद्र कुमार राय और जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार अभय सिंह के बीच रहने की संभावना है।

नामांकन प्रक्रिया और आवश्यक कागज़ात
भारत में विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल करना अनिवार्य होता है। उम्मीदवार की आयु कम से कम 25 वर्ष होनी चाहिए और उसका नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए। नामांकन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) के समक्ष जमा करना होता है।
- सामान्य वर्ग के लिए जमानत राशि ₹10,000
- अनुसूचित जाति/जनजाति वर्ग के लिए ₹5,000
हलफनामे में उम्मीदवार को अपनी संपत्ति, आय, परिवार की वित्तीय जानकारी और यदि कोई आपराधिक मामला चल रहा हो तो उसकी जानकारी देना अनिवार्य है।
कौन हैं सीमा सिंह?
सीमा सिंह भोजपुरी सिनेमा की जानी-मानी अभिनेत्री हैं। उन्हें इंडस्ट्री में ‘आइटम क्वीन’ और ‘डांसिंग क्वीन’ के नाम से जाना जाता है। उन्होंने अब तक 500 से अधिक फिल्मों में काम किया है और अपनी मेहनत व ग्लैमर के दम पर लोकप्रियता हासिल की है।
चिराग पासवान ने उन्हें मढ़ौरा विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाकर राजनीतिक मैदान में उतारा था। हालांकि, नामांकन रद्द होने से उनका राजनीतिक सफर शुरू होने से पहले ही बाधित हो गया है।
शैक्षणिक योग्यता और व्यक्तिगत जीवन
चुनावी हलफनामे के अनुसार, सीमा सिंह ने 9वीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने वर्ष 1999 में द रेम हेगर हिंडे हाई स्कूल, डोंबिवली (पूर्व), ठाणे, महाराष्ट्र से कक्षा 9 की परीक्षा पास की थी।
ग्लैमर की दुनिया में सफलता पाने के बाद उन्होंने जनसेवा के उद्देश्य से राजनीति में कदम रखा।
राजनीतिक समीकरण और आगे की चुनौती
नामांकन रद्द होने के बाद मढ़ौरा विधानसभा सीट पर मुकाबला अब आरजेडी और जन सुराज पार्टी के बीच सिमट गया है। लोजपा-रामविलास ने निर्वाचन आयोग से पुनर्विचार की मांग की है, लेकिन तकनीकी गलती के कारण नामांकन बहाल होने की संभावना बेहद कम है।
यह घटना एनडीए के लिए न केवल राजनीतिक नुकसान है बल्कि बिहार चुनाव के पहले चरण में गठबंधन की रणनीति पर भी असर डाल सकती है।