कांग्रेस अध्यक्ष बोले – 15% से ज्यादा बेरोज़गारी, लाखों युवा पलायन को मजबूर
शुगर इंडस्ट्री और बाढ़ प्रबंधन में सरकार पूरी तरह फेल है। आरक्षण, शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में भी गंभीर चुनौतियाँ।-
कांग्रेस अध्यक्ष
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने बुधवार को बिहार की NDA सरकार पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि बिहार की अर्थव्यवस्था लगातार पिछड़ रही है, बेरोज़गारी दर 15% से ज़्यादा है और लाखों युवा रोज़गार के लिए हर साल राज्य छोड़ने को मजबूर हो रहे हैं।
सरकार की नाकामी और युवा पलायन
खड़गे ने कहा, “जनवरी 2024 में बीजेपी ने नीतीश कुमार को दोबारा समर्थन देकर सरकार बनाई थी। उस समय विकास और ‘डबल इंजन’ की बड़ी-बड़ी बातें की गई थीं, लेकिन नतीजा आज सबके सामने है। न केंद्र से कोई विशेष पैकेज मिला और न ही राज्य की हालत सुधरी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती घोटालों से तंग आकर युवा सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें पुलिस की लाठियां खानी पड़ रही हैं।
किसानों और बाढ़ प्रबंधन की हालत
किसानों की हालत भी बेहद खराब है। कोसी और गंडक नदियों की बाढ़ हर साल लाखों लोगों की ज़िंदगी तबाह कर देती है, लेकिन सरकार बाढ़ प्रबंधन में पूरी तरह फेल साबित हुई है।
शुगर इंडस्ट्री और आर्थिक सुधार पर आरोप
खड़गे ने प्रधानमंत्री पर वादा खिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने बिहार की शुगर इंडस्ट्री को फिर से खड़ा करने का वादा किया था, लेकिन दस साल बाद भी कुछ नहीं हुआ। उन्होंने दावा किया कि अब बीजेपी नीतीश कुमार को बोझ समझती है और उन्हें “मानसिक रूप से रिटायर” कर चुकी है।
आरक्षण और सामाजिक न्याय
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि “बिहार की 80% आबादी OBC, EBC और SC/ST वर्ग से आती है, इसलिए जातीय जनगणना और आरक्षण नीति में पारदर्शिता बेहद ज़रूरी है। कांग्रेस और राहुल गांधी लगातार इसकी मांग कर रहे हैं। उन्होंने तमिलनाडु का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां कांग्रेस सरकार ने 69% आरक्षण को संवैधानिक सुरक्षा दी थी, लेकिन बिहार के लिए आज तक ऐसा कदम नहीं उठाया गया।”
शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र की चुनौतियाँ
खड़गे ने कहा कि “राज्य की हालत बदतर है। हर दिन अपराध हो रहे हैं, स्कूलों में शिक्षक नहीं हैं, अस्पतालों में दवाइयों की कमी है। आम आदमी या तो निजी अस्पतालों में लुटता है, या इलाज के लिए बाहर जाना पड़ता है।”