केंद्रीय मंत्री ने सोशल मीडिया पर किया विवादित कमेंट, बुर्का और घुसपैठियों पर उठाए सवाल विपक्ष में शुरू हुई तीखी प्रतिक्रिया

बेगूसराय: केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के बयान ने चुनावी माहौल को गर्म कर दिया है। मामला मटिहानी विधानसभा क्षेत्र से राजद के प्रत्याशी और पूर्व विधायक नरेंद्र सिंह उर्फ बोगो सिंह के मस्जिद में सजदा करते हुए वीडियो के वायरल होने से शुरू हुआ।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद गिरिराज सिंह ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर विवादित टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, “अब वोट के लिए गोमांस खाना ही बचा है?” इस बयान के बाद दोनों पक्षों में राजनीतिक बयानबाजी का दौर शुरू हो गया।
गिरिराज सिंह ने क्या कहा?
मीडिया से बातचीत में केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत में खासकर बिहार में इंडी गठबंधन और लालू यादव-केंद्रित राजद व कांग्रेस ऐसे लोगों को मुस्लिम मानते हैं, जो वास्तविक रूप से भारत में रहने योग्य नहीं हैं। उन्होंने साफ किया कि जब एनडीए की सरकार आएगी, तो ऐसे लोगों को चुन-चुनकर बाहर किया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर डिपोर्ट किया जाएगा। आगे उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसे लोगों को बचाने के लिए न तो राहुल गांधी और न ही तेजस्वी यादव कोई मदद कर पाएंगे। गिरिराज सिंह ने दावा किया कि ये लोग भारत में रहते हैं, लेकिन उनका कानूनी और संवैधानिक हक विवादित है।
बुर्का विवाद पर फिर दिया तर्क
साथ ही केंद्रीय मंत्री ने हाल ही में बुर्का को लेकर उठ रहे विवादों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोग मतदान केंद्र पर बुर्का उठाने में संकोच करते हैं, जबकि आधार कार्ड बनवाते समय, पासपोर्ट बनवाने और एयरपोर्ट पर यह कोई समस्या नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर मतदान के समय कोई शंका होगी, तो पोलिंग एजेंट कानून के तहत बुर्का उठवाने का अधिकार रखते हैं। गिरिराज सिंह ने कहा, “हमारा देश बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के संविधान के तहत चलता है। संविधान और कानून से ऊपर कोई नहीं है। चुनाव प्रक्रिया में भी यही कानून लागू होता है।”
विपक्ष बोला चुनावी माहौल खराब कर रहे
गिरिराज सिंह के बयान के बाद राजद और अन्य विपक्षी दलों ने कड़ा विरोध जताया। राजद के नेताओं ने इसे साम्प्रदायिक टिप्पणी करार दिया और कहा कि ऐसे बयान चुनावी माहौल को खराब करते हैं। वहीं, बीजेपी समर्थक नेताओं ने केंद्रीय मंत्री के बयान को सटीक और संवैधानिक दृष्टिकोण बताया। उनका कहना है कि सुरक्षा और पहचान के मामलों में कानून सभी के लिए बराबर है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गिरिराज सिंह का यह बयान बेगूसराय में अल्पसंख्यक वोट बैंक पर असर डालने का चुनावी रणनीतिक कदम भी हो सकता है।
नरेंद्र सिंह का वायरल वीडियो
वीडियो में राजद प्रत्याशी नरेंद्र सिंह मस्जिद में सजदा करते दिखाई दिए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होते ही भाजपा समर्थकों ने इसे चुनावी मुद्दा बना दिया। गिरिराज सिंह ने इसी वीडियो को शेयर करते हुए सवाल उठाया कि क्या लोग वोट के लिए धर्म या खाद्य आदतें बदल रहे हैं। इस वीडियो और मंत्री के बयान ने बेगूसराय में चुनावी माहौल को तनावपूर्ण बना दिया है। स्थानीय लोग, राजनीतिक कार्यकर्ता और सोशल मीडिया यूजर्स अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
गिरिराज सिंह का बयान सिर्फ व्यक्तिगत नहीं, बल्कि चुनावी रणनीति का हिस्सा है। बेगूसराय जिले में यह बयान सपा, राजद और बीजेपी के बीच सत्ता समीकरण को प्रभावित कर सकता है। आगामी चुनाव में ऐसे बयान मतदाताओं की भावनाओं पर असर डाल सकते हैं, खासकर अल्पसंख्यक और संवेदनशील समुदायों के बीच। बेगूसराय की जनता और राजनीतिक कार्यकर्ता अब इस बहस को लेकर अगले कुछ हफ्तों तक सियासी हलचल का हिस्सा बने रहेंगे।