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सुरों से सियासत तक: कैसा रहा है बिहार की सबसे युवा प्रत्याशी लोकगायिका मैथिली ठाकुर का सफर ?

मधुबनी के छोटे से गांव से उठकर सोशल मीडिया की स्टार बनीं मैथिली ठाकुर अब राजनीति की राह पर — करोड़ों की संपत्ति, लाखों फॉलोअर्स और जनता का अपार विश्वास साथ लिए पहली बार विधानसभा चुनाव मैदान में।

मैथिली ठाकुर

बिहार विधानसभा चुनाव बहुत नजदीक हैं और इसी बीच एक ऐसा नाम चर्चा में छा गया है जिसने अब तक अपनी पहचान संगीत से बनाई थी — मैथिली ठाकुर। लोकगायिका के रूप में मशहूर मैथिली अब राजनीति की दुनिया में कदम रख चुकी हैं। दरभंगा जिले की अलीनगर विधानसभा सीट से बीजेपी ने उन्हें उम्मीदवार बनाया है, और यह उनका पहला चुनावी सफर है।

🎵 संगीत से मिली पहचान

मैथिली ठाकुर का जन्म 25 जुलाई 2000 को बिहार के मधुबनी जिले के उरेन गांव में हुआ। बचपन से ही उनके जीवन में संगीत घुला हुआ था। उनके पिता रमेश ठाकुर, जो खुद एक संगीत शिक्षक हैं, ने छोटी उम्र से ही उन्हें राग-ताल सिखाना शुरू कर दिया था। घर का माहौल संगीत से सराबोर रहता था, और यही वजह रही कि मैथिली ने बहुत कम उम्र में गाना शुरू कर दिया।

मैथिली की संगीत यात्रा 2011 में शुरू हुई, जब वह ज़ी टीवी के “लिटिल चैंप्स” शो में नजर आईं। इसके बाद उन्होंने “इंडियन आइडल जूनियर” में भाग लिया और “राइजिंग स्टार” शो से देशभर में मशहूर हो गईं, जहाँ वह रनर-अप रहीं। उनकी आवाज़ की मिठास और लोकगायन शैली ने उन्हें देशभर में लोकप्रिय बना दिया।

मैथिली ठाकुर परिवार

🎤 दिल्ली में संघर्ष और सफलता की शुरुआत

दिल्ली पहुंचने के बाद शुरू में हालात आसान नहीं थे। किराये का घर, सीमित साधन और अनगिनत चुनौतियाँ थीं, लेकिन मैथिली की आवाज़ ने सबका दिल जीतना शुरू कर दिया। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के भारती कॉलेज से बी.ए. की पढ़ाई की और साथ ही संगीत की साधना जारी रखी।

जब उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने लोकगीत और भजन पोस्ट करना शुरू किया, तो लोगों ने उन्हें दिल से अपनाया। उनके गीतों में मिट्टी की खुशबू और मिथिला की आत्मा झलकती थी।

🌾 मिथिला की आवाज़ बनीं मैथिली

मैथिली ठाकुर ने सिर्फ गाने नहीं गाए, बल्कि मिथिला की संस्कृति को पहचान दिलाई। उन्होंने मधुबनी, दरभंगा जैसे क्षेत्रों के लोकगीतों को देशभर में पहुंचाया। आज उनके यूट्यूब और फेसबुक पर लाखों फॉलोअर्स हैं।

उनके भाई ऋषभ ठाकुर और अयाची ठाकुर भी संगीत में उनका साथ देते हैं। तीनों की जुगलबंदी सोशल मीडिया पर खूब वायरल होती है।

मैथिली ठाकुर

💰 मैथिली की आय और कर विवरण

एफिडेविट के अनुसार, मैथिली ठाकुर नियमित रूप से आयकर रिटर्न दाखिल करती रही हैं। वित्त वर्ष 2023-24 में उनकी आय ₹28,67,350 रही, जबकि 2022-23 में ₹16,98,840 थी। उनकी आय का स्रोत मुख्यतः गायकी, सोशल मीडिया और ब्रांड एंडोर्समेंट है।

🏠 करोड़ों की संपत्ति की मालकिन

नामांकन दाखिल करते समय दिए गए शपथपत्र के अनुसार, मैथिली ठाकुर के पास ₹2.32 करोड़ से अधिक की चल संपत्ति है। उनके पास ₹1.80 लाख नकद, कीमती जेवर और ₹2 करोड़ से अधिक के वाहन हैं।

मैथिली ठाकुर राजनीति

🗳️ राजनीति में आने की वजह

मैथिली का कहना है कि उन्होंने जो पहचान बनाई, वह अपने समाज की वजह से है। अब वह उन लोगों की सेवा करना चाहती हैं जिन्होंने उन्हें इतना प्यार दिया। उन्होंने कहा, “मैं चाहती हूँ कि अलीनगर को एक आदर्श नगर बनाऊँ, जहाँ शिक्षा, संस्कृति और रोजगार तीनों का मेल हो।”

बीजेपी ने उन्हें युवा चेहरा और संस्कृति से जुड़ी आवाज़ के रूप में पेश किया है। पार्टी का मानना है कि मैथिली ठाकुर युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण समाज से गहराई से जुड़ी हैं।

⚔️ अलीनगर में रोचक मुकाबला

अलीनगर सीट इस बार सुर्खियों में है। यहाँ कुल 13 प्रत्याशी मैदान में हैं — बीजेपी से मैथिली ठाकुर, आरजेडी से विनोद मिश्रा, जन सुराज से विप्लव चौधरी, आम आदमी पार्टी से रजीपाल झा और कई निर्दलीय उम्मीदवार।

हालाँकि, सबसे ज़्यादा चर्चा मैथिली ठाकुर को लेकर है, क्योंकि वे एक नई और ताज़ा छवि लेकर चुनाव मैदान में उतरी हैं।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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