Search

लंदन से किया LLM अब लालगंज से राजद की उम्मीदवार , कौन है शिवानी शुक्ला जिन्हे तेजस्वी ने दिया मौका ?

लालगंज का रण – मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला से बदले सियासी समीकरण, तेजस्वी का दांव और कांग्रेस से टूटा रिश्ता

शिवानी शुक्ला

बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार वैशाली जिले की लालगंज सीट सबसे चर्चित बन गई है। वजह है बाहुबली छवि वाले पूर्व विधायक मुन्ना शुक्ला की बेटी शिवानी शुक्ला। कभी कांग्रेस का चेहरा रही शिवानी अब आरजेडी (राजद) की नई उम्मीद बनकर चुनाव मैदान में उतर रही हैं। तेजस्वी यादव ने जैसे ही उन्हें टिकट देने का ऐलान किया, बिहार की सियासत में हलचल मच गई।

कांग्रेस से नाराजगी और बड़ा पलटवार

कुछ दिनों पहले तक शिवानी शुक्ला कांग्रेस की सक्रिय सदस्य थीं और लालगंज सीट से टिकट की उम्मीद लगाए बैठी थीं। उनका दावा है कि तीन साल क्षेत्र में काम करने के बाद जब कांग्रेस ने अचानक लालगंज से आदित्य कुमार को उम्मीदवार बना दिया। उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “मैं तीन साल से लालगंज में लोगों के बीच काम कर रही थी, लेकिन कांग्रेस ने टिकट पैसे लेकर बेच दिया। यह मेरे साथ धोखा है।” नाराज शिवानी ने उसी वक्त ऐलान कर दिया कि अगर पार्टी ने उनका साथ नहीं दिया तो वे निर्दलीय चुनाव लड़ेंगी।

मुन्ना शुक्ला, जो खुद एक समय में इस सीट से भारी मतों से जीत चुके हैं, समर्थकों के साथ बैठक बुलाई। उनके घर पर महापंचायत हुई, जिसमें कार्यकर्ताओं ने शिवानी और उनकी मां अनु शुक्ला से कहा कि वे किसी भी हाल में चुनाव मैदान छोड़ें नहीं।

शिवानी शुक्ला चुनावी तैयारी

लालगंज में अब तगड़ा मुकाबला

लालगंज सीट पर अब मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है। कांग्रेस और राजद, जो पहले महागठबंधन में थे, अब आमने-सामने हैं। कांग्रेस के आदित्य कुमार और राजद की शिवानी शुक्ला में सीधा टकराव देखने को मिलेगा। इसके अलावा एनडीए खेमे से भी उम्मीदवार मैदान में हैं, जिससे इस सीट पर बहुकोणीय मुकाबला तय है। शिवानी की एंट्री से इस सीट पर वोटों का समीकरण पूरी तरह बदल गया है। युवाओं और महिलाओं में उनकी अच्छी पकड़ है, वहीं मुन्ना शुक्ला का पुराना जनाधार अब भी कायम है।

तेजस्वी यादव का रणनीतिक कदम

ऐसे वक्त में जब शिवानी कांग्रेस से पूरी तरह नाराज थीं, राजद प्रमुख तेजस्वी यादव ने मौका भांप लिया। उन्होंने शुक्ला परिवार को साधने के लिए बड़ा कदम उठाया और शिवानी शुक्ला को राजद का उम्मीदवार बना दिया। तेजस्वी यादव लंबे समय से अपनी ए टू जेड रणनीति पर काम कर रहे हैं — यानी हर जाति और वर्ग को साथ लेकर चलने की कोशिश। मुन्ना शुक्ला भूमिहार समुदाय से आते हैं, जो लालगंज सहित पूरे क्षेत्र में प्रभावशाली है। शिवानी को टिकट देकर तेजस्वी ने न सिर्फ शुक्ला परिवार को अपने साथ जोड़ा, बल्कि भूमिहार वोट बैंक पर भी निशाना साधा है।

आख़िर कौन हैं शिवानी शुक्ला?

शिवानी शुक्ला की उम्र अभी केवल 28 साल है। उन्होंने दिल्ली पब्लिक स्कूल, आरकेपुरम से 2012 में दसवीं और 2014 में बारहवीं पास की। इसके बाद बेंगलुरु की एलायंस यूनिवर्सिटी से बीए एलएलबी की पढ़ाई की और फिर लंदन की यूनिवर्सिटी ऑफ लीड्स से एलएलएम की डिग्री ली। वे कानून की छात्रा होने के साथ-साथ सामाजिक कार्यों में भी सक्रिय रही हैं। ग्रामीण इलाकों में महिलाओं की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता पर शिवानी लगातार काम करती रही हैं।

संपत्ति और पारिवारिक जानकारी

शिवानी शुक्ला के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनके पास ₹21 लाख रुपये से ज्यादा की चल संपत्ति है, जबकि कोई अचल संपत्ति नहीं है। हलफनामे के मुताबिक उनके पास ₹1.73 लाख बैंक में जमा हैं, कुछ हजार रुपये नकद हैं और लगभग ₹1.91 लाख फिक्स्ड डिपॉजिट में हैं। उनके पति वरुण तिवारी के पास भी लगभग ₹49 हजार नकद हैं। हालांकि, शिवानी पर करीब ₹36 लाख का एजुकेशन लोन बकाया है।

मुन्ना शुक्ला की राजनीतिक पृष्ठभूमि

लालगंज विधानसभा सीट पर शुक्ला परिवार का गहरा असर रहा है। 2000 में मुन्ना शुक्ला ने इस सीट से रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। इसके बाद वे क्षेत्र में एक मजबूत राजनीतिक चेहरा बन गए। कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों पर वे लगातार चर्चा में रहे। हालांकि, उनके ऊपर कई विवाद भी लगे, लेकिन उनके समर्थकों का कहना है कि “मुन्ना शुक्ला अपने लोगों के लिए खड़े रहने वाले नेता हैं।” अब जब तेजस्वी ने शिवानी को टिकट देकर इस परिवार को राजद के खाते में ला लिया है, तो यह निश्चित रूप से पार्टी के लिए राजनीतिक तौर पर फायदेमंद हो सकता है।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

Leave a Comment

Your email address will not be published.