बिहार विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के अंदरूनी मतभेद खुलेआम सामने आए।
पटना एयरपोर्ट पर कार्यकर्ताओं के बीच लात-घूसे और धक्का-मुक्की के दौरान वरिष्ठ नेताओं के सामने माहौल तनावपूर्ण हो गया।
बिहार में विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस पार्टी के अंदर मचा घमासान अब खुलकर सामने आ गया है। पटना एयरपोर्ट पर बुधवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हाथापाई और हंगामा देखने को मिला। पार्टी के शीर्ष नेताओं की मौजूदगी में हुई इस झड़प ने न सिर्फ कांग्रेस संगठन की अंदरूनी कलह को उजागर कर दिया, बल्कि चुनावी माहौल में पार्टी की मुश्किलें भी बढ़ा दीं।
एयरपोर्ट पर मारपीट और अफरातफरी का माहौल
मामला पटना के जयप्रकाश नारायण अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का है। यहां उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु और कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान दिल्ली से पटना पहुंचे। जैसे ही ये नेता बाहर आए, कार्यकर्ताओं के दो गुटों के बीच नारेबाजी शुरू हो गई। कुछ ही मिनटों में माहौल इतना बिगड़ गया कि दोनों ओर से धक्का-मुक्की और लात-घूसे चलने लगे।
एक वीडियो वायरल हुई हैं, जिसमें साफ दिख रहा है कि नेता लोग एयरपोर्ट पर खड़े हैं और उनके चारों तरफ दर्जनों कार्यकर्ता आपस में भिड़ रहे हैं। सुरक्षाकर्मियों को बीच-बचाव करना पड़ा, लेकिन तब तक काफी हंगामा हो चुका था। मौके पर मौजूद यात्रियों और आम लोगों ने बताया कि कुछ देर के लिए एयरपोर्ट का माहौल पूरी तरह से तनावपूर्ण हो गया था।
टिकट बंटवारे को लेकर उठा विवाद
सूत्रों के अनुसार, ये पूरा मामला टिकट वितरण से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के अंदर कई सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर असंतोष चल रहा है। पार्टी के अंदरूनी गुट इस बार खुलकर विरोध जता रहे हैं। बताया जा रहा है कि विक्रम विधानसभा सीट से अशोक गगन नाम के संभावित उम्मीदवार के समर्थकों ने पटना एयरपोर्ट पर प्रदर्शन किया। इन कार्यकर्ताओं का कहना था कि पार्टी में कुछ नेताओं की मनमानी चल रही है और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है।
एयरपोर्ट पर मौजूद दूसरे गुट जो दिल्ली से लौटे कांग्रेस नेताओं का स्वागत करने पहुंचे थे उन्होंने इस विरोध का जवाब दिया। दोनों पक्षों में तीखी बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे मारपीट में बदल गई। कई लोगों के कपड़े फट गए और कुछ कार्यकर्ताओं को हल्की चोटें भी आईं।
पप्पू यादव के समर्थकों पर लगे आरोप
इस पूरे विवाद में जन अधिकार पार्टी (JAP) प्रमुख पप्पू यादव के समर्थकों का भी नाम सामने आ रहा है। आरोप है कि पप्पू यादव समर्थक टिकट बंटवारे में अनदेखी का आरोप लगाते हुए मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाए और कांग्रेस नेताओं को घेर लिया। सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक, जब भीड़ बढ़ी तो दोनों पक्ष एक-दूसरे को धक्का देने लगे और देखते ही देखते मामला हाथापाई तक पहुंच गया।
कांग्रेस नेताओं को जैसे-तैसे सुरक्षा घेरे में लेकर बाहर निकाला गया। बाद में कार्यकर्ताओं को शांत करने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने पुलिस की मदद ली। हालांकि, इस दौरान किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। वीडियो में स्पष्ट दिखता है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता तमाशबीन बनकर खड़े हैं जबकि नीचे उनके कार्यकर्ता एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। विपक्षी दलों ने इस वीडियो को लेकर कांग्रेस पर तंज कसा है। BJP ने कहा कि “जो पार्टी अपने ही कार्यकर्ताओं को नहीं संभाल पा रही, वो बिहार को क्या दिशा देगी?” वहीं, JDU नेताओं ने भी कांग्रेस पर अराजक राजनीति फैलाने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस ने आंतरिक कलह पर दी सफाई
कांग्रेस की ओर से हालांकि इसे छोटी सी गलतफहमी बताया गया है। प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि “कुछ कार्यकर्ताओं में टिकट को लेकर असहमति थी, लेकिन अब मामला सुलझा लिया गया है।” लेकिन पार्टी के अंदरूनी सूत्र मानते हैं कि असलियत इससे कहीं गहरी है। कई पुराने कार्यकर्ता नाराज़ हैं कि टिकट बांटने में स्थानीय नेताओं की राय नहीं ली गई। कुछ जगहों पर बाहरी उम्मीदवारों को तवज्जो दी जा रही है, जिससे संगठन में असंतोष बढ़ा है।
पार्टी नेताओं ने दी अपील
घटना के बाद कांग्रेस विधायक दल के नेता शकील अहमद खान ने कार्यकर्ताओं से संयम रखने की अपील की। उन्होंने कहा, “हमारा विरोध बाहर की सरकार से है, एक-दूसरे से नहीं। जिन कार्यकर्ताओं को टिकट या पद को लेकर असंतोष है, वे संगठन के भीतर अपनी बात रखें।” वहीं, बिहार कांग्रेस प्रभारी कृष्ण अल्लावरु ने भी कहा कि इस तरह की घटनाएं पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं और सभी को मिलजुलकर चुनाव लड़ना चाहिए।
चुनाव से पहले पार्टी के लिए झटका
बिहार में कांग्रेस पहले से ही महागठबंधन का हिस्सा है और इस बार RJD के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। लेकिन इस तरह के झगड़ों ने कांग्रेस की छवि पर असर डाला हैं। चुनावी वक्त में इस तरह की घटनाएं कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराती हैं और विरोधी दलों को हमला करने का मौका देती हैं। पटना एयरपोर्ट की यह घटना कांग्रेस की अंदरूनी कमजोरी को उजागर करती है। जिस वक्त पार्टी को संगठन को एकजुट रखने की ज़रूरत है, उसी समय गुटबाज़ी और आपसी लड़ाई खुलकर सामने आ रही है।