ब्राह्मण के पैर धोकर पिलाया पानी ! AI वीडियो बनाने पर पंचायत का कैसा फ़रमान ?

मध्य प्रदेश के दमोह जिले से एक चौंकाने वाला वीडियो सामने आया है, जिसमें ओबीसी वर्ग के एक युवक को पंचायत के दबाव में ब्राह्मण युवक के पैर धोकर वह पानी पीने के लिए मजबूर किया गया। यह सजा किसी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि गांव की ही पंचायत ने सुनाई थी। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि जब युवक पैर धो रहा था, तब पंचायत के सदस्य उसे माफी मांगने और “प्रायश्चित” करने की बात कर रहे थे।
क्या है पूरा मामला
एनडीटीवी की एक खबर के अनुसार यह घटना दमोह जिले के पटेरा ब्लॉक के सतारिया गांव की है। जहां गांव के ही परसोत्तम कुशवाहा नाम के युवक ने कुछ दिन पहले अपने गांव के अन्नू पांडे का एआई की मदद से एक वीडियो बनाया था, जिसमें अन्नू को जूतों की माला पहने दिखाया गया था। बताया जा रहा है कि अन्नू पांडे पर गांव में अवैध शराब बेचने का आरोप हैं, जिसके कारण परसोत्तम ने यह वीडियो बनाया था । हालांकि, बाद में उसने 15 मिनट के भीतर वीडियो डिलीट कर दिया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांग ली, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था।
पंचायत का फैसला
वीडियो से नाराज ग्रामीणों ने इसे ब्राह्मण समाज का अपमान बताते हुए पंचायत बुलाई। पंचायत ने परसोत्तम कुशवाहा को “प्रायश्चित” के रूप में अन्नू पांडे के पैर धोने और वह पानी पीने का आदेश दिया। इसके साथ ही उस पर 5100 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया। पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले पर संज्ञान लेते हुए कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पटेरा थाना पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस ने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है।
मामले को दबाने की कोशिश
वीडियो वायरल होने के बाद अब दोनों पक्ष इसे आपसी मामला बताकर दबाने की कोशिश कर रहे हैं। पीड़ित परसोत्तम कुशवाहा ने एक और वीडियो जारी कर कहा कि अन्नू पांडे को वह अपना पारिवारिक गुरु मानता हैं और उनके बीच गुरु-शिष्य का रिश्ता है। युवक ने कहा कि उसने अपनी इच्छा से अन्नू के पैर धोए और माफी मांगी उस पर किसी ने दबाव नहीं बनाया। साथ ही लोगों से अपील करते हुए कहा कि इस वीडियो को राजनीतिक मुद्दा न बनाए।
पुलिस की जांच जारी
दमोह पुलिस ने जानकारी देते हुए बताया कि अब तक इस मामले में कोई औपचारिक शिकायत नहीं मिली है, लेकिन वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जातीय हिंसा के आंकड़ों के बीच उठा सवाल
यह घटना उस समय सामने आई है जब राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में अनुसूचित जातियों के खिलाफ 57,789 अपराध दर्ज किए गए हैं। इनमें मध्य प्रदेश 8,232 मामलों के साथ तीसरे स्थान पर है।
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