NCRB Report 2023 की रिपोर्ट में चोरी और संपत्ति अपराधों में बढ़ोतरी दर्ज
मध्यप्रदेश का कड़िया सांसी राष्ट्रीय अपराध मानचित्र में ‘खतरनाक’ क्षेत्र बना।
दिल्ली और बड़े शहरों में चोरी की वारदातें बढ़ीं।
नई दिल्ली: नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की Crime in India 2023 रिपोर्ट में चोरी-डकैती और संपत्ति अपराधों में बढ़ोतरी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में देशभर में चोरी के कुल मामले 6,89,580 दर्ज हुए, जो 2022 के 6,52,731 मामलों से अधिक हैं। कुल संपत्ति अपराधों की संख्या 8,78,307 रही।
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाला खुलासा मध्यप्रदेश के राजगढ़ जिले के कड़िया सांसी गांव का है। यह गांव राष्ट्रीय अपराध मानचित्र में ‘खतरनाक’ क्षेत्र के रूप में उभरा है।
कड़िया सांसी, गुलखेड़ी और कुलखेड़ी: अपराधियों का गढ़
बोंडा पुलिस स्टेशन के इंचार्ज रामकुमार भगत ने बताया कि इन तीनों गांवों के युवाओं के खिलाफ पूरे देश में लगभग 1,000 से 1,200 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस के अनुसार, कड़िया सांसी के कई युवा चोरी-डकैती और रैकी जैसे अपराधों में शामिल हैं।
पुलिस का कहना है कि यहां की 5,000 आबादी वाला गांव अब अपराधियों का केंद्र बन चुका है। हालांकि NCRB डेटा में इस क्षेत्र में ‘क्राइम ट्रेनिंग सेंटर’ की कोई जानकारी नहीं है, लेकिन स्थानीय पुलिस रिपोर्ट इसे प्रमाणित करती है।
बड़े शहरों में भी चोरी की वारदातें बढ़ीं
शहरों के मामले में, NCRB रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में चोरी के सबसे अधिक मामले दर्ज होते हैं। इसके अलावा मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु भी संपत्ति अपराधों के मामलों में शीर्ष स्थान पर हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि बड़े शहरों में संपत्ति अधिक होने के कारण चोरी-डकैती की घटनाएँ अधिक होती हैं। NCRB के शहरवार आंकड़ों के अनुसार दिल्ली को देश का सबसे असुरक्षित महानगर बताया गया है।
राज्यों के हिसाब से अपराध दर
रिपोर्ट में राज्यों के अनुसार चोरी-डकैती के आंकड़े भी जारी किए गए हैं।
- कुल मामलों के हिसाब से उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार और कर्नाटक शीर्ष पांच में शामिल हैं।
- जनसंख्या के हिसाब से अपराध दर में उत्तराखंड सबसे आगे है (821.4 प्रति लाख), जबकि उत्तर प्रदेश की दर केवल 181.3 है।
- राष्ट्रीय औसत अपराध दर 270.6 प्रति लाख है।
- मध्य प्रदेश (270.6) राष्ट्रीय औसत के बराबर है, जबकि राजस्थान (213.0) और ओडिशा (213.9) औसत के आसपास हैं।
विश्लेषकों के अनुसार, जनसंख्या के हिसाब से छोटे राज्य चोरी की घटनाओं में राष्ट्रीय औसत से ऊपर हैं, जबकि बड़े राज्य औसत से नीचे हैं।

चोरी के साथ अन्य अपराधों में भी बढ़ोतरी
NCRB रिपोर्ट के अनुसार चोरी अपराधों में कुल वृद्धि दर 4.7% रही। रिपोर्ट में रेलवे स्टेशन, साइबर फ्रॉड और अन्य क्षेत्रों में बढ़ते अपराधों का भी जिक्र किया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह आंकड़े देशभर में अपराधियों की बढ़ती सक्रियता का संकेत देते हैं।