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काम के दौरान हुई बेहोश, और ‘जीने की इच्छा खत्म हो गई थी’ — दीपिका पादुकोण ने खोले डिप्रेशन के राज़! क्या आप भी कर रहे हैं ये 5 गलतियां?

स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर के तौर पर दीपिका पादुकोण को चुना है।

दीपिका पादुकोण

दीपिका पादुकोण भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और सफल अभिनेत्रियों में से एक हैं। उन्होंने मॉडलिंग के जरिए बॉलीवुड में कदम रखा। उनकी हिट फिल्में भी काफी रही हैं । अब दीपिका पादुकोण को स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश की पहली मेंटल हेल्थ एंबेसडर के तौर पर चुना है। यह एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। ‘ सिनेमा की चमक से इतर दीपिका ने मानसिक स्वास्थ्य की चुनौतियों का सामना किया और इसे खुलकर स्वीकार किया है ।

दीपिका ने क्या कहा

दीपिका ने कहा,”मैं खुश और गर्व महसूस कर रही हूं कि मैं लोगों की मदद कर सकती हूं। मानसिक स्वास्थ्य केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन का अहम हिस्सा है। अगर मेरी कहानी किसी को मदद लेने के लिए प्रेरित कर सकती है, तो यही मेरे लिए सबसे बड़ा पुरस्कार है।”उनका मानना है कि समय पर सहायता लेना और खुलकर बात करना ही मानसिक स्वास्थ्य की सबसे बड़ी ताकत है।

साल 2014 का दिन

दीपिका ने अपने स्कूल और कॉलेज के दिनों की व्यस्तता का जिक्र करते हुए बताया कि “वह पढ़ाई, स्पोर्ट्स और मॉडलिंग जैसी कई गतिविधियों में शामिल रहती थीं। 2014 में एक दिन अचानक काम करते-करते वह बेहोश हो गईं। कुछ दिनों बाद उन्हें पता चला कि उन्हें डिप्रेशन है।” दीपिका ने सोशल मीडिया पर साझा किया, “डिप्रेशन होने पर इसका पता नहीं चलता। मैं भी किसी को नहीं बताई थी। मुंबई में अकेली रहने के कारण जब मेरी मम्मी थोड़े दिन बाद चली गईं, तो मुझे रोना आ गया और पूरे दिन बुरा महसूस होता था। जीने की इच्छा भी खत्म हो गई थी।”

दीपिका पादुकोण

दीपिका का निजी अनुभव

डिप्रेशन और एंग्जायटी का पता चलने के बाद दीपिका ने थेरैपिस्ट की मदद ली। इस दौरान वह यह नहीं चाहती थीं कि किसी को पता चले। उन्होंने कहा, “हम नहीं चाहते थे कि यह पता चले कि मैं थेरेपिस्ट के पास जा रही हूं। हम बहुत प्राइवेट थे और किसी को नहीं बताया कि मैं कैसा महसूस कर रही हूं।” धीरे-धीरे थेरेपी और मेडिटेशन के माध्यम से दीपिका ने खुद को संभाला और मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक हुई।

मेंटल हेल्थ को लेकर जागरूकता

जब दीपिका ठीक होने लगीं, उन्होंने महसूस किया कि मानसिक स्वास्थ्य पर समाज में बहुत बड़ा कलंक (stigma) है। उन्होंने कहा, “मुझे हैरानी हुई कि हमने सब कुछ क्यों दबा दिया और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर इतना टैबू क्यों है।”इसी कारण उन्होंने फैसला किया कि वह मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दों पर आवाज उठाएंगी और लोगों को यह संदेश देंगी कि मदद लेना कमजोरी नहीं बल्कि ताकत है।

जेपी नड्डा ने कहा

इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा दीपिका पादुकोण के साथ या साझेदारी भारत में मानसिक स्वास्थ्य पर चर्चा को बढ़ावा देगी और लोगों में जागरूकता फैलाने में मदद करेगी यह पहल मानसिक स्वास्थ्य के मामलों में जागरूकता फैलाने में अहम साबित होगी

दीपिका अब विभिन्न कार्यक्रमों, अभियान और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों से सीधे जुड़ेंगी। उनका लक्ष्य है कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना सामान्य हो और लोग मदद लेने में हिचकिचाएं नहीं।

 

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Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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