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गुलजार ने खोला सबसे बड़ा राज़ — कैसे किताबों से भटककर बन गए सदी के महानतम गीतकार?

गुलजार: किताबों से प्रेरित इस महान कवि और गीतकार

गुलजार: किताबों से शुरू हुआ सफर, सिनेमा में गीत और कहानी की दुनिया में छा गए लेजेंड

साहित्य से प्रेरित गुलजार ने फिल्मों में अपनी पहचान बनाई, एआर रहमान के साथ काम कर भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचाया।

 

हाल ही में मुंबई के फिल्म निर्माता सुभाष घई के इंस्टीट्यूट ‘Whistling Woods International’ में आयोजित ‘Celebrate Cinema 2025’ कार्यक्रम में प्रसिद्ध गीतकार गुलजार ने अपने शुरुआती दिनों को याद किया। उन्होंने बताया कि “फिल्मों की दुनिया में आने का उनका मन कभी नहीं था। उनका कहना है कि पढ़ाई और किताबों से उन्हें हमेशा लगाव रहा। लेकिन उनके दोस्त ‘देबू सेन’ और प्रसिद्ध गीतकार ‘ शैलेन्द्र ‘ ने उन्हें फिल्मों में कदम रखने के लिए प्रेरित किया।

एआर रहमान के योगदान की तारीफ

गुलजार ने भारतीय संगीत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में एआर रहमान के योगदान की भी तारीफ की। गुलजार ने रहमान के साथ काम किए गीतों जैसे ‘जय हो’,’छैय्या छैय्या’ और ‘तेरे बिना’ का जिक्र करते हुए कहा कि “इन गानों ने भारतीय संगीत को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया।”

बॉलीवुड के मशहूर गीतकार, कवि और फिल्म निर्देशक गुलजार का असली नाम संपूर्ण सिंह कालरा है। 18 अगस्त 1934 को पंजाब में जन्मे गुलजार को भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े कहानीकारों और गीतकारों में गिना जाता है। हालांकि उन्होंने फिल्मों में अपार सफलता पाई, लेकिन उनका असली प्यार हमेशा साहित्य और किताबों की ओर रहा।

गुलजार साहब का फिल्मी सफर

गुलजार ने 1956 में फिल्म ‘बंदिनी’ से बतौर गीतकार डेब्यू किया। उनका पहला गाना ‘मोरा गोरा अंग लै ले’ हिट साबित हुआ। शुरुआत में बिमल रॉय ने सोचा कि क्या गुलजार वैष्णव भक्ति जैसी कविता लिख पाएंगे, लेकिन गुलजार ने चुनौती स्वीकार कर ली और बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई।

कविताएं और गीत संगम

गुलजार की कविताएँ और गीत हिंदी, उर्दू और पंजाबी में सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं, लेकिन उन्होंने ब्रज, हरियाणवी और मारवाड़ी में भी रचनाएँ की हैं। उन्हें 2002 में साहित्य अकादमी पुरस्कार और 2004 में भारत सरकार द्वारा पद्म भूषण से सम्मानित किया गया।

आज 91 साल की उम्र में गुलजार हिंदी सिनेमा और साहित्य दोनों में अपनी अमिट छाप छोड़ चुके हैं। उनका सफर बताता है, कि किताबों का प्यार और कला की लगन किसी भी उम्र में इंसान को ऊंचाइयों तक ले जा सकती है।

Anushka Pandey

Content Writer

Anushka Pandey as a Anchor and Content writer specializing in Entertainment, Histroical place, and Politics. They deliver clear, accurate, and engaging content through a blend of investigative and creative writing. Bagi brings complex subjects to life, making them accessible to a broad audience.

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