शेख हसीना को लगेगी हथकड़ी ! इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट
इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने जारी किया गिरफ्तारी वारंट, 22 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ गई हैं। इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। उन पर राजनैतिक विरोधियों को परेशान करने का आरोप लगाया गया है। उन्हें 22 अक्टूबर को कोर्ट में पेश होने का आदेश दिया गया है।
क्या हैं आरोप
तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल बेंच ने दो अलग-अलग मामलों में हसीना और उनके शासनकाल के वरिष्ठ अधिकारियों पर मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया है।
अदालत ने कहा कि
“शेख हसीना और उनके 29 अधिकारियों ने राजनीतिक विरोधियों को प्रताड़ित किया, उन्हें गायब करवाया और यातनाएं दीं।” पहले मामले में हसीना और उनके पूर्व रक्षा सलाहकार तारीक अहमद सिद्दीकी समेत 13 लोगों पर पांच आरोप लगाए गए हैं।
दूसरे मामले में, हसीना, सिद्दीकी और 15 अन्य अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) की टास्क फोर्स इंटरोगेशन यूनिट में बंद कैदियों पर अत्याचार किया और उन्हें गायब करवाया।
शेख हसीना का सफर
शेख हसीना, बांग्लादेश के संस्थापक राष्ट्रपति शेख मुजीबुर रहमान की बेटी हैं। वे देश की सबसे लंबे समय तक शासन करने वाली महिला नेता रही हैं और 20 से अधिक वर्षों तक प्रधानमंत्री पद पर रहीं। अ लेकिन उनके शासनकाल को तानाशाही, विरोधियों पर दमन और मानवाधिकार उल्लंघन के आरोपों से भी जोड़ा गया।
5 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना ने भारत में शरण ली थी। अवामी लीग सरकार के पतन के बाद उनके खिलाफ कई मामले दर्ज हुए, और अब अंतरराष्ट्रीय अदालत से भी वारंट जारी होने के बाद उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।