कांशीराम की पुण्यतिथि पर हुई बसपा की विशाल महारैली में बहनजी ने दिखाई पुरानी राजनीतिक चमक
अखिलेश पर तंज, आजम खान से मुलाकात की खबरों का किया खंडन
लखनऊ में कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित बसपा की महारैली
लखनऊ: लंबे अंतराल के बाद बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपनी ताकत दिखाई। पार्टी संस्थापक कांशीराम की पुण्यतिथि पर आयोजित विशाल महारैली में बसपा सुप्रीमो मायावती ने न सिर्फ कांग्रेस और सपा (SP) पर निशाना साधा, बल्कि अप्रत्याशित रूप से योगी सरकार का धन्यवाद भी किया। उन्होंने कहा कि “बहुजन मिशन जिंदा है।”
कांशीराम स्मारक स्थल पर आयोजित रैली में मायावती ने कहा कि योगी सरकार ने स्मारक की मरम्मत कराई, जबकि सपा सरकार ने इसे नजरअंदाज किया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “सपा सरकार ने टिकटों का पैसा दबाकर रखा, लेकिन मौजूदा सरकार ने हमारे अनुरोध पर मरम्मत कराई।”
मायावती का अखिलेश पर निशाना
मंच से मायावती ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि सत्ता में रहते हुए उन्हें पीडीए या कांशीराम जयंती की कोई चिंता नहीं थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा सरकार ने कासगंज जिले का नाम बदलकर कांशीराम नगर से हटा दिया।
आजम खान पर जवाब रैली में उठ रहे आजम खान से मुलाकात के सवाल पर मायावती ने स्पष्ट किया कि उनकी आजम खान के परिवार से कोई मुलाकात नहीं हुई है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और सपा के शासन में दलितों और मुसलमानों की सुरक्षा और रोज़गार पर संकट बना रहता है।मायावती ने अपने अनुभवों का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे कांग्रेस और बीजेपी ने उन्हें और उनके परिवार को फंसाने की कोशिश की, लेकिन 2007 में अदालत से न्याय पाकर उन्होंने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई।

समर्थकों ने दिया चन्दा
रैली में देशभर से लाखों समर्थक पहुंचे। पंजाब, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र से लोग अपने चंदे के साथ आए। समर्थकों ने 150-200 रुपये चंदा लगाकर रैली में भाग लिया, जिसे ‘मिशन बहुजन’ को जिंदा रखने का प्रतीक माना गया।
राजधानी लखनऊ में यह रैली बसपा के पुनरुत्थान की कोशिश के रूप में देखी जा रही है। घटते वोट बैंक और कमजोर होते संगठन को मजबूत करने के लिए मायावती ने ‘बहुजन एकता’ का आह्वान किया। संदेश साफ है—भले वह सत्ता में हों या न हों, मिशन बहुजन जिंदा है और पार्टी अपने समर्थकों के साथ मजबूती से खड़ी है।