दिल्ली पुलिस ने किया 6 करोड़ का ‘लाल चंदन’ जब्त , आखिर क्यों कहा जाता है इसे ‘लाल सोना ‘ ?

दिल्ली पुलिस ने लाल चंदन तस्करी का भंडाफोड़ किया है। लाल चंदन की लकड़ियों की कीमत बाजार में लगभग 6 करोड़ रुपए बताई जा रही है। आंध्र प्रदेश से लाए गए 10 टन लाल चंदन को दिल्ली पुलिस की एसटीएफ और आंध्र प्रदेश पुलिस की संयुक्त टीम ने दिल्ली स्थित तुगलकाबाद गांव के एक गोदाम से बरामद किया है ।
क्या है खास लाल चंदन की लकड़ी
लाल चंदन की लकड़ी औषधियों ,सौंदर्य प्रसाधन, पूजा सामग्री, सजावटी सामान और फर्नीचर बनाने में उपयोग की जाती है।
सफेद चंदन के विपरीत लाल चंदन में सुगंध नहीं होती। इसे रक्त चंदन भी कहा जाता है। यह खास लाल रंग की लकड़ी भारत के आंध्र प्रदेश के शेषाचलम क्षेत्र की पहाड़ियों में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।
कैसे हुआ खुलासा
दिल्ली पुलिस उपायुक्त डॉक्टर हेमंत तिवारी ने बताया कि अगस्त माह में तिरुपति पुलिस ने लाल चंदन की तस्करी करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया था — एक हैदराबाद निवासी इरफान और दूसरा नवी मुंबई निवासी अमित पवार।
दोनों से पूछताछ में पता चला कि तिरुपति से लाल चंदन की लकड़ियां दिल्ली भेजी जा रही थीं। जांच के दौरान आंध्र प्रदेश पुलिस को जानकारी मिली कि तस्करी कर दिल्ली भेजा गया चंदन तुगलकाबाद स्थित एक गोदाम में छिपा कर रखा गया है। इसके बाद आंध्र प्रदेश पुलिस ने दिल्ली पुलिस से संपर्क किया।
तस्करी का तरीका और लक्ष्य
आरोपियों ने बताया कि उन्हें यह लकड़ी अगस्त के पहले सप्ताह में मिली थी। उन्होंने आंध्र प्रदेश से दिल्ली आने वाले सब्जी और फलों के ट्रक ड्राइवरों के जरिए कई बार चंदन की लकड़ी को दिल्ली के तुगलकाबाद स्थित गोदाम तक पहुंचाया।बरामद लाल चंदन की लकड़ियों को नेपाल और म्यांमार के रास्ते चीन सहित अन्य दक्षिण एशियाई देशों में भेजा जाना था।