इस बार करवा चौथ का व्रत 10 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। कार्तिक मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 9 अक्टूबर की रात 10:54 बजे से शुरू होकर 10 अक्टूबर की शाम 7:38 बजे तक रहेगी। यह व्रत सुहागन स्त्रियों के लिए बहुत खास माना जाता है, जिसमें महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और वैवाहिक सुख की कामना करती हैं।

1.पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए खास टिप्स –
•सरगी से करें व्रत की शुरुआत –
व्रत का दिन सुबह सरगी से शुरू होता है। इसमें फल, पराठा, मिठाई और सूखे मेवे शामिल हों। यह पूरे दिन ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता है।
•पानी और नींद का ध्यान रखें –
व्रत शुरू करने से पहले पर्याप्त पानी पिएं और रात को भरपूर नींद लें। इससे दिनभर थकान कम रहेगी और निर्जला व्रत आसानी से रखा जा सकेगा।
हल्का और पौष्टिक भोजन:
सरगी और व्रत खोलते समय हल्का और पौष्टिक आहार चुनें। तैलीय और मसालेदार भोजन से परहेज करें।

•सोलह श्रृंगार और पूजा की तैयारी-
करवा चौथ पर महिलाएं सोलह श्रृंगार करती हैं। पहली बार व्रत रखने वाली महिलाएं पूजा की विधि पहले से जान लें। पूजा में मिट्टी का करवा, दीपक, छलनी, फल और मिठाई शामिल होते हैं।
•पूजा सामग्री –
•मिट्टी का करवा
•जल, अक्षत (चावल)
•हल्दी, कुंकुम
•दीपक और अगरबत्ती
•फल, मिठाई और रोली
•छलनी (चांद को देखने के लिए)

•पौराणिक कथा सुनें और शुभ मुहूर्त का पालन करें –
व्रत के दौरान करवा चौथ माता की कथा सुनना शुभ माना जाता है। चंद्रमा का दर्शन और व्रत खोलना शाम 7:38 बजे से पहले किया जाना चाहिए।
•नुकीली वस्तुओं से बचें –
इस दिन चाकू, कैंची, सुई जैसी नुकीली चीजों का इस्तेमाल न करें। ऐसा करने से व्रत का पुण्य घट सकता है।
•मन में सकारात्मकता बनाए रखें –
व्रत केवल शारीरिक संयम का प्रतीक नहीं है, बल्कि मानसिक शांति और वैवाहिक प्रेम का उत्सव भी है।
•व्रत खोलने की विधि –
चंद्रमा निकलने के बाद छलनी से चंद्रमा देखें, फिर पति के हाथ से जल ग्रहण करें और हल्का मीठा खाकर व्रत खोलें।

•पहली बार व्रत रखने वाली महिलाओं के लिए विशेष सुझाव-
पूरे दिन खुद को व्यस्त रखें जैसे मेहंदी लगाना, पूजा की तैयारी, सजावट।
कपड़े चुनते समय लाल, गुलाबी, पीला या नारंगी रंग चुनें। काले और सफेद रंग से बचें।
दिनभर भूख और प्यास लगने पर मन को किसी काम में लगाएँ या ठंडा पानी चेहरे पर छिड़कें। इस प्रकार करवा चौथ का व्रत पति-पत्नी के रिश्ते में मिठास, प्रेम और विश्वास को बढ़ाने का अवसर होता है।