RSS प्रमुख मोहन भागवत ने कहा, “हमारा कमरा किसी ने कब्जा कर लिया है, उसे एक दिन हमें वापस लेना होगा।” PoK की ओर संकेत माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश के सतना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने ऐसा बयान दिया, जिसने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
सिंधी समाज को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा —
“हमारा एक कमरा किसी ने कब्जा कर लिया है, उसे एक दिन हमें वापस लेना होगा।”
भागवत का यह बयान अब पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) की ओर इशारा माना जा रहा है। इससे पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी कहा था कि “पीओके के लोग खुद एक दिन ‘मैं भी भारत’ कहेंगे।” ऐसे में भागवत की टिप्पणी को उसी दिशा में एक राजनीतिक और राष्ट्रीय संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
सिंधी समाज के कार्यक्रम में राष्ट्रवादी संदेश
मोहन भागवत सतना के सिंधी कैंप स्थित बाबा मेहरशाह दरबार साहिब गुरुद्वारा के लोकार्पण समारोह में पहुंचे थे। इसके बाद उन्होंने बीटीआई ग्राउंड में आयोजित सभा को संबोधित किया।
अपने भाषण में उन्होंने कहा —
“भारत में रहने वाला हर नागरिक एक है, लेकिन अंग्रेजों ने हमें भौतिक दर्पण दिखाकर आपस में बाँट दिया। विभाजन के समय सिंधी समाज ने पाकिस्तान की बजाय भारत को चुना, यह गर्व की बात है। अब समय आ गया है कि जिस कमरे को हम छोड़ आए हैं, उसे वापस लेकर फिर से डेरा डालना है।”
सिंधी कौन हैं?
सिंधी समुदाय का इतिहास बेहद प्राचीन और गौरवशाली रहा है। इनकी जड़ें सिंधु घाटी सभ्यता से जुड़ी मानी जाती हैं — वही सभ्यता जिसने हजारों साल पहले दुनिया को उन्नत शिल्प, व्यापार और संस्कृति दी थी।
आज का सिंध क्षेत्र पाकिस्तान में स्थित है, जहां से सिंधी समाज की उत्पत्ति हुई।
1947 के भारत-पाकिस्तान विभाजन के दौरान सिंध पाकिस्तान का हिस्सा बन गया। उस समय बड़ी संख्या में सिंधी परिवार भारत आकर बस गए। उन्होंने भारत को अपनी मातृभूमि के रूप में अपनाया और आज भी देश के विकास में अहम भूमिका निभा रहे हैं।
भारत में सिंधी समाज की मौजूदगी
आज भारत में करीब 50 लाख से अधिक सिंधी लोग बसते हैं। इनकी बड़ी आबादी महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और मध्य प्रदेश जैसे राज्यों में है।