सीएम की सुरक्षा या भगवा विरोध? सिद्धारमैया के दौरे से पहले भगवा झालरें हटाईं, सैकड़ों लोग उतरे सड़क पर
कोप्पल (कर्नाटक)। भाग्यनगर में उस समय तनाव फैल गया जब पुलिस और नगर पंचायत प्रशासन ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के दौरे से पहले अंबाभवानी मंदिर के सामने लगे भगवा झंडा और झालर को हटाने का आदेश दिया। यह सजावट नवरात्रि उत्सव के तहत की गई थी।
टाइम्स ऑफ़ इंडिया की एक खबर के अनुसार, सीएम के आगमन पर सुरक्षा और प्रोटोकॉल के चलते टाउन पंचायत ने निर्देश दिया था कि मंदिर परिसर के पास स्थित इंदिरा कैंटीन के उद्घाटन से पहले रास्ते की सजावट हटाई जाए। जैसे ही उसकी जानकारी भक्तों और स्थानीय संगठनों को मिली, सैकड़ो लोग मौके पर वहां पहुंच गए।
दक्षिणपंथी संगठनों ने बताया ‘भगवा विरोधी मानसिकता’
भाजपा और दक्षिणपंथी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कदम को “भगवा विरोधी मानसिकता” करार देते हुए नारेबाजी की और सड़क पर बैठकर विरोध प्रदर्शन किया।
स्थिति बिगड़ते देख थाना प्रभारी जयप्रकाश मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत करने की कोशिश की। लेकिन जब भीड़ कार्रवाई रोकने की मांग पर अड़ी रही, तो उन्होंने घोषणा की कि “झंडे और झालरें नहीं हटाई जाएंगी।” इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने मंदिर पहुंचकर आरती की और जयकारे लगाकर जश्न मनाया।
स्थानीय प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में बताया है,। पुलिस ने एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात किया है ताकि आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान शांति बनी रहे।