राजनीति छोड़ दूंगा अगर: प्रशांत किशोर के निशाने पर एनडीए, भ्रष्टाचार के आरोपों से गरमाई बिहार की सियासत
बीजेपी-जेडीयू के नेताओं पर लगातार हमले कर जन सुराज प्रमुख ने खड़ा किया तीसरा मोर्चा, सम्राट और अशोक चौधरी ने दी कड़ी प्रतिक्रिया

जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर लगातार एनडीए पर निशाना साध रहे हैं। खासकर बीजेपी और जेडीयू के कई बड़े नेताओं पर उन्होंने भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए हैं। इन आरोपों से दोनों दलों के नेताओं की छवि पर असर भी पड़ा है।
प्रशांत किशोर के हमलों से राजनीतिक माहौल में हलचल मच गई है। अगर
मतदाताओं का झुकाव जन सुराज की ओर, तो एनडीए को मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। एनडीए ने भी अब पीके के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
छवि खराब करने की साजिश
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पीके ने एक पुराने हत्या मामले में घेरा है। सम्राट का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप झूठे हैं और यह सिर्फ उनकी छवि खराब करने की साजिश है। उनके समर्थक भी कह रहे हैं कि सम्राट पिछड़े वर्गों के नेता हैं और उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है।
इससे राजनीति में “अगड़ा बनाम पिछड़ा” की बहस तेज हो गई है।
दलित होने की वजह से बनाया निशाना
इसी तरह मंत्री अशोक चौधरी पर भी पीके ने बेनामी संपत्ति का आरोप लगाया है।
इस पर अशोक चौधरी ने साफ कहा कि उनकी सारी संपत्ति घोषित है और यदि कोई गलत साबित कर दे, तो वे राजनीति छोड़ देंगे। उन्होंने इसे दलित होने की वजह से किया गया हमला बताया।
प्रशांत किशोर इससे पहले बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल, सांसद संजय जायसवाल और पूर्व मंत्री मंगल पांडेय पर भी आरोप लगा चुके हैं, हालांकि बाद में कई मामलों में बातें ठंडी पड़ गईं
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