कफ सिरप” से सावधान ! बच्चों की मौत पर देशभर में हड़कंप — चार राज्यों में प्रतिबंध, कंपनी पर कार्रवाई

भोपाल/चेन्नई। मध्यप्रदेश में बच्चों की मौत की घटना के बाद “कोल्ड्रिफ कफ सिरप” को लेकर देशभर में हड़कंप मच गया है।
अब तक मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और केरल ने इस सिरप पर प्रतिबंध लगा दिया है, जबकि झारखंड ने इसकी बिक्री पर रोक लगाई है।
उत्तराखंड में दवा दुकानों पर छापेमारी जारी है और पंजाब, बंगाल व छत्तीसगढ़ ने भी सतर्कता बढ़ा दी है।
तमिलनाडु रिपोर्ट में खतरनाक केमिकल की पुष्टि
“कोल्ड्रिफ कफ सिरप” का निर्माण तमिलनाडु के कोच्चिपुरम स्थित कंपनी श्रीसन द्वारा किया जाता है।
राज्य के औषधि प्रशासन विभाग ने कंपनी की एक शाखा से सिरप के एसआर–13 बैच के सैंपल जांच के लिए मंगवाए।
रिपोर्ट में पाया गया कि सिरप में डायथिलीन ग्लाइकोल की मात्रा 48.6% थी — जबकि इसकी अधिकतम सीमा 0.1% होनी चाहिए।यह रसायन किडनी फेल्योर और न्यूरोलॉजिकल डैमेज का कारण बन सकता है। रिपोर्ट आने के बाद तमिलनाडु सरकार ने दवा पर तत्काल प्रतिबंध लगाया और कंपनी के ठिकानों पर छापेमारी शुरू की। इसके बाद अन्य राज्यों ने भी कदम उठाए।
मध्य प्रदेश और राजस्थान में बढ़ा संकट
मध्य प्रदेश और राजस्थान में इस सिरप से बच्चों की मौत के मामले लगातार सामने आ रहे हैं।
मध्य प्रदेश में मृतकों की संख्या 10 तक पहुंच गई है, जबकि राजस्थान में चार बच्चों की जान जा चुकी है।
दोनों राज्यों ने अब निर्माता कंपनी के सभी उत्पादों पर रोक लगा दी है।
छिंदवाड़ा बना केंद्र बिंदु
मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिछले 22 दिनों में कई बच्चों की मौत हो चुकी है।
पहले बच्चों को सर्दी-जुकाम और बुखार, फिर पेशाब रुकने और अंत में किडनी फेल होने के लक्षण दिखे।
पहली मौत 4 सितंबर को हुई थी, जबकि हाल ही में नागपुर अस्पताल में एक और बच्चे की जान गई।
अब भी 12 बच्चे इलाजरत हैं।
बाद में केंद्र और राज्य की संयुक्त जांच टीम ने 19 सैंपल लिए, जिनमें से 9 की रिपोर्ट आ चुकी है — इनमें कोल्ड्रिफ सिरप भी शामिल नहीं था।
मुख्यमंत्री मोहन यादव का बयान
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने घटना को “भयानक” बताते हुए कहा,
“सिरप बनाने वाली कंपनी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्र और राज्य की एजेंसियां मिलकर जांच कर रही हैं।
राजस्थान में ‘कायसन फार्मा’ की 19 दवाओं पर रोक
राजस्थान सरकार ने जयपुर की कायसन फार्मा कंपनी की सभी 19 दवाओं पर रोक लगा दी है।
ये दवाएं मुख्यमंत्री की निशुल्क दवा योजना के तहत सरकारी अस्पतालों में वितरित हो रही थीं।
हालांकि लैब रिपोर्ट में सिरप को “सुरक्षित” बताया गया, लेकिन सीकर और भरतपुर में बच्चों की मौत इसी दवा के सेवन के बाद हुई।
अब तक तीन दर्जन से अधिक बच्चे बीमार हो चुके हैं।
अन्य राज्यों में सतर्कता और छापेमारी
उत्तर प्रदेश:
उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने बताया कि सरकारी अस्पतालों में कोल्ड्रिफ सिरप की सप्लाई नहीं होती।
निजी अस्पतालों में भी इसके उपयोग पर रोक लगा दी गई है।
उत्तराखंड:
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रतिबंधित सिरप को लेकर सभी दवा दुकानों पर छापेमारी चल रही है।
पंजाब:
स्वास्थ्य सचिव कुमार राहुल ने निर्देश दिए हैं कि इस कंपनी या बैच की कोई दवा कहीं भी उपयोग न की जाए।
झारखंड:
संयुक्त निदेशक सुमंत कुमार तिवारी ने सभी होलसेल और रिटेल दुकानों को सिरप की बिक्री रोकने के आदेश दिए हैं।
हिमाचल प्रदेश:
बद्दी स्थित “नेक्सा डीएस कफ सिरप” के उत्पादन पर अस्थाई रोक लगी है।
राज्य और केंद्र की टीमों ने संयुक्त सैंपलिंग की है।
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