बिहार की सियासत में शंकराचार्य की एंट्री ‘I Love Mahadev विवाद पर बोले भक्ति नहीं, दिखावे की राजनीति
बिहार दौरे पर पहुंचे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा — जनता को असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश, धार्मिक नारों से समाज में बढ़ रहा विभाजन

बिहार विधानसभा चुनाव से पहले सियासी माहौल में धार्मिक रंग घुलने लगा है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा ऐलान किया है कि वे इस बार राज्य की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलको में हलचल मचा दी है।
मुद्दों से भटकाने की कोशिश
बिहार दौरे पर आए शंकराचार्य बिहटा में मीडिया से बातचीत के दौरान देशभर में चर्चा में रहे ‘I Love Mahadev’ और ‘I Love Muhammad’ विवाद पर भी बोले। उन्होंने कहा कि “ये पूरा विवाद जनता का ध्यान असली मुद्दों से भटकाने की कोशिश है। उनके मुताबिक, महादेव पूजा और भक्ति का विषय हैं, उन्हें प्रेम या दिखावे की भाषा में जोड़ना उनका अपमान है।”
शंकराचार्य ने आगे कहा, “जो लोग मोहम्मद को मानते हैं, वे उनके बारे में बेहतर जानते होंगे। मैं केवल महादेव की बात करता हूं और उनके लिए ऐसी भाषा उचित नहीं। ‘आई लव महादेव’ कहना धार्मिक परंपराओं के खिलाफ है।” उन्होंने “चेतावनी दी कि इस तरह की अभिव्यक्तियां समाज में विभाजन पैदा कर सकती हैं और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचा सकती हैं।
हाल ही में सोशल मीडिया पर ‘I Love Muhammad ‘और ‘I Love Mahadev ‘ जैसे नारे खूब वायरल हुए थे। एक वर्ग इसे आस्था का प्रतीक बता रहा है, जबकि कई लोग इसे धार्मिक भावनाओं का अपमान मानते हैं।