नई रिसर्च में खुलासा—मुंह के बैक्टीरिया धमनियों तक पहुंचकर दिल पर बना सकते हैं दबाव, सही डेंटल केयर से बचाव संभव

हृदय रोग दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे हैं और अब ये सिर्फ बुजुर्गों तक सीमित नहीं रहे है। हाल के वर्षों में 20 से 30 साल के युवाओं में भी हार्ट अटैक के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इंडियन हार्ट एसोसिएशन और अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक़, पिछले एक दशक में युवाओं में हार्ट अटैक के मामलों में 20-30% की बढ़ोतरी हुई है। तनाव, असंतुलित खानपान, नींद की कमी और नशे की आदतें इसके बड़े कारण बताए जाते हैं। लेकिन अब शोधकर्ताओं ने एक और अहम पहलू पर रोशनी डाली है—ओरल हेल्थ यानी दांत और मसूड़ों की सेहत।
मुंह और दिल का गहरा रिश्ता –
ब्रिटेन और फिनलैंड में हुई एक स्टडी में पाया गया कि दिल की धमनियों में बनने वाले फैट की परत (कोरोनरी प्लाक) में 40% से अधिक बैक्टीरिया मुंह से पहुंचे थे। यानी, खराब ओरल हेल्थ के कारण बनने वाले बैक्टीरिया ब्लडस्ट्रीम के जरिए दिल तक पहुंच सकते हैं और वहां सूजन या रुकावट पैदा कर सकते हैं। इससे हार्ट अटैक का खतरा बढ़ सकता है।
विशेषज्ञ बताते हैं कि मसूड़ों की बीमारी (गम डिज़ीज़) वाले लोगों में हृदय रोगों का जोखिम 20-25% तक ज्यादा हो सकता है। खासतौर पर बचपन में दांतों की सड़न और बार-बार होने वाले संक्रमण वयस्कता में धमनियों के बंद होने की वजह बन सकते हैं।

हृदय को सुरक्षित रखने के लिए क्या करें –
छोटी-छोटी आदतें आपकी दिल और दांत दोनों की सेहत सुधार सकती हैं –
1. दिन में दो बार ब्रश और फ्लॉस करें – यह बैक्टीरिया को बढ़ने से रोकता है।
2. हर 6 महीने में डेंटल चेकअप कराएं – दांत और मसूड़ों की समस्याएं समय रहते पकड़ में आती हैं।
3.शुगर और जंक फूड से बचें – मिठाइयाँ, कोल्ड ड्रिंक्स और पैकेज्ड फूड दांतों और दिल दोनों के लिए नुकसानदेह हैं।
4.धूम्रपान और तंबाकू छोड़ें – ये मसूड़ों को भी कमजोर करते हैं और दिल पर भी सीधा असर डालते हैं।
5. 30 मिनट एक्सरसाइज ज़रूरी – तेज चलना, योग या दौड़ना दिल को मजबूत बनाता है।
6.हेल्दी डाइट लें – हरी सब्जियाँ, दालें, साबुत अनाज और मौसमी फल थाली का हिस्सा जरूर हों।
7. एक्टिव लाइफ़स्टाइल अपनाएँ -रोज़ाना कम से कम 30 मिनट एक्सरसाइज करें।योग और मेडिटेशन तनाव को कम करते हैं। तेज चलना या दौड़ना दिल को मजबूत रखता है।
अक्सर दिल की बीमारियों को तनाव और खानपान से जोड़ते हैं, लेकिन यह नई रिसर्च बताती है कि हमारा मुंह भी दिल से जुड़ा हुआ है। दांतों और मसूड़ों की अनदेखी करके हम न सिर्फ दंत रोगों को न्योता देते हैं बल्कि दिल को भी खतरे में डालते हैं। “‘I Love Mahadev’ और ‘I Love Muhammad’ विवाद पर क्या बोले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती