राजनीति छोड़ देंगे टी. राजा सिंह, बोले ‘अब हिंदू राष्ट्र के लिए करूंगा काम’
भीलवाड़ा : तेलंगाना के गोशामहल से विधायक और अपने विवादित बयानों व भाषणों के लिए अक्सर सुर्खियों में रहने वाले टी. राजा सिंह ने ऐलान किया है कि वे मौजूदा कार्यकाल खत्म होने के बाद राजनीति से संन्यास ले लेंगे।
बुधवार को भीलवाड़ा स्थित हरिसेवा उदासीन आश्रम में दुर्गा शक्ति अखाड़ा की नवमी वर्षगांठ पर पहुंचे राजा सिंह ने कहा कि वे अब चुनावी राजनीति में दिलचस्पी नहीं रखते।
बीजेपी छोड़ने के बाद बड़ा बयान
राजा सिंह ने जून 2025 में भारतीय जनता पार्टी से इस्तीफा दिया था। उनका कहना है कि पार्टी के भीतर नेतृत्व की गलतियों के कारण उन्होंने यह कदम उठाया। हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काम को आगे बढ़ाते रहेंगे।
राजा सिंह बोले
“मेरा लक्ष्य अब हिंदुओं को सुरक्षित रखना है। मैं हर राज्य में जाकर हमारी बहनों और बेटियों की रक्षा के लिए युवाओं को जोड़ रहा हूँ। जब मेरा विधायक कार्यकाल तीन साल बाद समाप्त होगा, मैं राजनीति छोड़ दूंगा और हिन्दू राष्ट्र के लिए काम करूंगा।”
अपने भाषण में उन्होंने राजस्थान की धर्मांतरण विरोधी कानून को प्रभावी बनाने के लिए राज्य स्तर पर एक टास्क फोर्स और कंट्रोल रूम बनाने की मांग की। उन्होंने मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा से ‘लव जिहाद’ पर उत्तर प्रदेश जैसी सख्त कार्रवाई की अपील भी की।
इतिहास का हवाला देते हुए राज सिंह ने कहा कि भारत को आने वाले वर्षों में बड़े संघर्ष और चुनौतियों का सामना करना होगा, जैसे औरंगजेब के समय हुआ था।
विवादित छवि और बयान
राजा सिंह अपनी कट्टर और साम्प्रदायिक बयानों के चलते कई बार विवादों में रहे हैं। भाजपा छोड़ने के बाद भी वे हिन्दू संगठनों और अखाड़ों के मंचों पर सक्रिय दिख रहे हैं। उनका राजनीति छोड़ने का ऐलान तेलंगाना और राष्ट्रीय राजनीति में एक अहम संकेत माना जा रहा है, क्योंकि गोशामहल सीट पर वे लगातार हिंदुत्व की राजनीति के आधार पर चुनाव जीतते रहे हैं।