रावण पुतले पर उमर खालिद और शरजील इमाम की तस्वीर लगाने से भड़का विवाद, एबीवीपी और वामपंथी संगठनों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप

दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में माहौल अचानक गरमा गया है। विजयादशमी के अवसर पर आयोजित दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा के दौरान छात्र संगठनों के बीच तीखी झड़प हो गई। यह घटना करीब शाम 7 बजे साबरमती ‘टी प्वाइंट’ के पास हुई।
एक दूसरे पर आरोप
मामले को लेकर एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एबीवीपी का कहना है कि “शांतिपूर्ण तरीके से निकल रही उनकी यात्रा पर वामपंथी छात्रों ने हमला किया और कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की। वहीं, जेएनयू छात्रसंघ (जेएनयूएसयू) ने उल्टा आरोप लगाया कि विवाद की जड़ एबीवीपी का आयोजन था, जिसमें नफरत फैलाने की कोशिश की गई।”
रावण के साथ पूर्व छात्रों की तस्वीरें
दरअसल, विजयादशमी के मौके पर एबीवीपी ने साबरमती ग्राउंड में रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया था। खास बात, यह रही कि रावण के पुतले पर दस सिर के साथ दो चेहरों की तस्वीरें लगाई गई थीं। ये तस्वीरें जेएनयू के पूर्व छात्र शरजील इमाम और उमर खालिद की थीं, जो पिछले कई वर्षों से जेल में बंद हैं और उन पर मुकदमे चल रहे हैं। इसी को लेकर वामपंथी संगठनों ने कड़ा विरोध जताया।
जेएनयू छात्रसंघ ने सवाल उठाया कि “विश्वविद्यालय परिसर में रावण के पुतले पर इन दोनों की तस्वीरें लगाने की जरूरत क्यों पड़ी? छात्रसंघ का आरोप है कि एबीवीपी इस तरह की गतिविधियों के जरिए कैंपस का माहौल खराब करने और अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाने की राजनीति कर रही है।” कैंपस में तनाव बना हुआ है और दोनों पक्ष अपनी-अपनी दलीलें दे रहे हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
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