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उद्धव ठाकरे का पीएम मोदी पर हमला, वांगचुक की गिरफ्तारी से लेकर किसानों की बदहाली पर बरसे

शिवाजी पार्क दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर जमकर हमला बोला।

सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी, मणिपुर हिंसा और किसानों की बदहाली पर मोदी सरकार को घेरा।

 

शिवाजी पार्क दशहरा रैली में उद्धव ठाकरे का बीजेपी पर बड़ा हमला

मुंबई के शिवाजी पार्क में आयोजित दशहरा रैली में शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने केंद्र सरकार और बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मणिपुर दौरे, सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी और महाराष्ट्र के किसानों की समस्याओं पर जमकर निशाना साधा।

 

वांगचुक की गिरफ्तारी पर जताया गुस्सा

उद्धव ठाकरे ने सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर वांगचुक मोदी सरकार के सुर में सुर मिलाते तो उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होती।

उद्धव ने कहा, “कल तक जब वांगचुक मोदी की तारीफ कर रहे थे, सब ठीक था। अब जब वे लद्दाख के लोगों के हक के लिए आंदोलन कर रहे हैं तो उन्हें देशद्रोही बना दिया गया और गिरफ्तार कर लिया गया।”

पीएम मोदी के मणिपुर दौरे पर कसा तंज

ठाकरे ने पीएम मोदी के हालिया मणिपुर भाषण पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “मणिपुर में मोदीजी का भाषण सुनकर मैं समझ नहीं पाया कि मुझे रोना चाहिए या हंसना।”

बीजेपी को ‘अमीबा’ बताते हुए उद्धव ने आरोप लगाया कि जहां-जहां भाजपा जाती है, वहां तबाही मच जाती है।

 

फडणवीस और महाराष्ट्र की राजनीति पर हमला

 

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस पर निशाना साधते हुए उद्धव ठाकरे ने कहा कि देश के लोकप्रिय मुख्यमंत्रियों की सूची में फडणवीस दसवें स्थान पर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि फडणवीस के मंत्री पैसों की थाल सजाए बैठे हैं लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

 

किसानों के संकट पर जताई चिंता

 

उद्धव ठाकरे ने मराठवाड़ा और अन्य क्षेत्रों में आई बाढ़ से प्रभावित किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि किसानों की खेती बह गई, घर-गृहस्थी कीचड़ में मिल गई और आज वे सरकार से पूछ रहे हैं कि क्या खाएं।

उन्होंने शिवसैनिकों से अपील करते हुए कहा, “मराठवाड़ा पर भारी विपत्ति आई है। हमें किसानों की मदद करनी चाहिए। फूल नहीं तो कम से कम एक पंखुड़ी की तरह योगदान जरूर करें।”

 

कर्ज़ माफी की मांग

 

उद्धव ठाकरे ने किसानों की कर्ज़ माफी की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार थी तो किसानों का कर्ज माफ किया गया था और अब भी सभी किसानों को प्रति हेक्टेयर 50,000 रुपये की सहायता दी जानी चाहिए।

उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते समय विपक्ष सूखा घोषित करने की मांग करता था, लेकिन अब सत्ता में आने के बाद वही लोग कह रहे हैं कि “सूखा शब्द ही नहीं है।”

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